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बांग्लादेश में कट्टरपंथियों का उन्माद: PM मोदी और CM शुभेंदु को खुली धमकी, “पाकिस्तान के साथ मिलकर हिंदुस्तान पर हमला करेंगे”

बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद ढाका में भारत विरोधी प्रदर्शन, कट्टरपंथी संगठनों की भड़काऊ बयानबाजी से बढ़ी चिंता


कोलकाता। 
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय और नए मुख्यमंत्री के रूप में Suvendu Adhikari के शपथ ग्रहण के बाद पड़ोसी देश Bangladesh में कट्टरपंथी संगठनों का उग्र प्रदर्शन सामने आया है। ढाका समेत कई शहरों में हजारों की संख्या में कट्टरपंथी समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर हिंदुस्तान विरोधी नारे लगाए और प्रधानमंत्री Narendra Modi तथा बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को खुलेआम धमकियां दीं।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कट्टरपंथी भीड़ को ढाका की व्यस्त सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर मार्च करते देखा जा सकता है। प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर, बैनर और इस्लामी झंडे दिखाई दे रहे हैं। कई वीडियो में भीड़ “ममता बनर्जी को वापस मुख्यमंत्री बनाओ” और “BJP सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाती सुनाई दे रही है।

“भारत पर हमला होगा…” — कट्टरपंथी संगठनों की खुली धमकी

कट्टरपंथी संगठन Insaf Kayemkari Chhatra Sramik Janata के एक नेता का बयान विशेष रूप से चिंताजनक माना जा रहा है। वायरल वीडियो में वह कहता दिख रहा है:

“भारत पर हमला होगा, इंशाअल्लाह। हम पाकिस्तान को बुलाएंगे। भारत को खत्म करने में तीन घंटे भी नहीं लगेंगे।”

उसने यह भी दावा किया कि “भारत के मुसलमान ही काफी हैं” और यदि “40 करोड़ मुसलमान गुस्सा हो गए तो हिंदू सुरक्षित नहीं रह पाएंगे।” इस बयान को हिंदुस्तान की संप्रभुता और सामाजिक सौहार्द पर सीधा हमला माना जा रहा है।

कट्टरपंथी भीड़ द्वारा रक्षा मंत्री Rajnath Singh, असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath का नाम लेकर भी धमकियां दी गईं। कई वीडियो में “माफी मांगो” और “मुसलमानों से टकराने का परिणाम भुगतो” जैसे नारे सुनाई दिए।

मौलाना इनायतुल्लाह अब्बासी का जहरभरा भाषण

कट्टरपंथी इस्लामी प्रचारक Maulana Enayetullah Abbasi ने भी भड़काऊ बयान देकर माहौल को और गरमा दिया। उसने कथित तौर पर कहा:

“अगर पश्चिम बंगाल में मुसलमान सुरक्षित नहीं रहे तो बांग्लादेश में हिंदू भी सुरक्षित नहीं रहेंगे।”

अब्बासी ने बांग्लादेश सरकार से हिंदुस्तान के साथ व्यापारिक संबंध तोड़ने की मांग भी की और यह तक कह दिया कि “दिल्ली में इस्लाम का झंडा फहराया जाएगा।” उसके इस बयान को लेकर सुरक्षा एजेंसियां गंभीर हो गई हैं।

BJP की जीत से क्यों बौखलाए कट्टरपंथी?

9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP ने 294 में से 207 सीटें जीतकर 15 वर्षों से सत्ता में रही Mamata Banerjee की पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया। यह जीत न केवल बंगाल बल्कि पूरे पूर्वी क्षेत्र की राजनीति में बड़ा परिवर्तन मानी जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बांग्लादेश के कट्टरपंथी संगठनों की बेचैनी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:

1. अवैध घुसपैठ पर सख्ती

शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव प्रचार के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठ, रोहिंग्या नेटवर्क और सीमा सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाया था। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि अवैध घुसपैठियों को वोटर सूची से बाहर किया जाएगा।

2. “बंगाल को बांग्लादेश नहीं बनने दूंगा”

शुभेंदु अधिकारी का यह नारा कट्टरपंथी संगठनों को सीधे चुनौती के रूप में देखा गया। BJP समर्थकों का कहना है कि बंगाल में लंबे समय से सीमा पार नेटवर्क सक्रिय रहे हैं।

3. सीमा पार कट्टरपंथी नेटवर्क पर असर

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, Jamaat-ul-Mujahideen Bangladesh, Hefazat-e-Islam Bangladesh और Jamaat-e-Islami Bangladesh जैसे संगठनों की गतिविधियां हाल के वर्षों में बढ़ी हैं। BJP की जीत को इन नेटवर्कों के लिए झटका माना जा रहा है।

4. तुष्टिकरण की राजनीति पर बहस

BJP लगातार आरोप लगाती रही है कि पूर्ववर्ती सरकार में “वोट बैंक राजनीति” के कारण कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा मिला। BJP नेताओं का कहना है कि अब “राष्ट्र सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता” होगी।

बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति पर भी उठ रहे सवाल

Muhammad Yunus की अंतरिम व्यवस्था के दौरान कट्टरपंथी संगठनों की बढ़ती सक्रियता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। भारतीय एजेंसियों के कुछ सूत्रों का दावा है कि प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े तत्व फिर से सार्वजनिक रूप से सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि बांग्लादेश सरकार की ओर से इन वायरल बयानों और प्रदर्शनों पर अभी तक कोई औपचारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता

पिछले वर्षों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाओं ने पहले ही चिंता बढ़ा रखी है। मंदिरों में तोड़फोड़, धार्मिक स्थलों पर हमले और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रही हैं। पश्चिम बंगाल में BJP नेताओं का दावा है कि बंगाल के हिंदू समाज में भी इन घटनाओं को लेकर गहरी चिंता है।

हिंदुस्तान में कड़ी प्रतिक्रिया

BJP नेताओं ने इन धमकियों को हिंदुस्तान की संप्रभुता और अखंडता पर सीधा हमला बताया है। राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सीमा पार कट्टरपंथी ताकतें बंगाल की नई राजनीतिक परिस्थितियों से असहज हैं।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जुमे की नमाज के बाद बड़े पैमाने पर इस तरह के संगठित प्रदर्शन केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि सुनियोजित शक्ति प्रदर्शन भी हो सकते हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिशों पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता है।

बंगाल की राजनीति का नया दौर

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन को केवल राज्य की राजनीतिक घटना नहीं बल्कि पूर्वी हिंदुस्तान की रणनीतिक और सामाजिक राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। बंगाल की सीमाएं सीधे बांग्लादेश से लगती हैं, इसलिए वहां की राजनीतिक परिस्थितियों का असर दोनों देशों के संबंधों पर भी पड़ता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह केवल कट्टरपंथी संगठनों की बयानबाजी है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक-सामरिक संदेश छिपा हुआ है। आने वाले दिनों में हिंदुस्तान और बांग्लादेश के संबंधों के साथ-साथ बंगाल की आंतरिक राजनीति भी इस मुद्दे के केंद्र में रहने वाली है।

बांग्लादेश में कट्टरपंथियों का उन्माद: PM मोदी और CM शुभेंदु को खुली धमकी, “पाकिस्तान के साथ मिलकर हिंदुस्तान पर हमला करेंगे” बांग्लादेश में कट्टरपंथियों का उन्माद: PM मोदी और CM शुभेंदु को खुली धमकी, “पाकिस्तान के साथ मिलकर हिंदुस्तान पर हमला करेंगे” Reviewed by PSA Live News on 9:55:00 pm Rating: 5

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