रांची । उपायुक्त राँची, श्री राहुल कुमार सिन्हा के निदेशानुसार आज उप-विकास आयुक्त राँची, श्री दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में STATE INTERNAL EVALUATION TEAM, JHARKHAND के साथ कार्यक्रम की समीक्षा/DISTRICT टास्क फोर्स टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम से संबंधित बैठक समाहरणालय ब्लॉक ए स्थित सभागार में आयोजित की गई।
बैठक में सिविल सर्जन राँची, डॉ. श्री विनोद कुमार, निदेशक एस•टी•डी•सी झारखंड, डॉ• ए•के• मित्रा, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी राँची, डॉ•एस• साबरी, जिला पंचायतीराज पदाधिकारी राँची, श्री वीरेंद्र चौबे, डब्लू•एच•ओ• कंसल्टेंट डॉ. अन्नपूर्णा, चिकित्सा पदाधिकारी
एस•टी•डी•सी राँची,एनजीओ टीम के सदस्य, माइक्रोब्लॉजिस्ट, जिला कार्यक्रम समन्वयक राँची, श्री राकेश कुमार और संबंधित सभी पदाधिकारी मौजूद थे।
टी•बी• उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर आंतरिक मूल्यांकन टीम के द्वारा राँची जिले में एस•टी•डी•सी झारखंड, डॉ• ए•के• मित्रा के नेतृत्व में टी•बी• उन्मूलन कार्यक्रम का निरीक्षण
उप-विकास आयुक्त राँची, श्री दिनेश कुमार यादव को संबंधित अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि, टी•बी• उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर आंतरिक मूल्यांकन टीम के द्वारा राँची जिले में एस•टी•डी•सी झारखंड, डॉ• ए•के• मित्रा के नेतृत्व में टी•बी• उन्मूलन कार्यक्रम का निरीक्षण साथ ही टी•बी के मरीजों को दी जा रही सरकारी सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। जिसपर उप-विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारी को राँची जिले को टी•बी मुक्त बनाने की दिशा में कार्य करने के लिए कहा एवं उन्होंने कहा की टी•बी मुक्त पंचायतों के लिए टी•बी के कीड़ा की पहचान करने के लिए जिसे माइक्रोस्कोप से देखा जाता हैं। उन्हें जिला के तरफ से माइक्रोस्कोप उपलब्ध जल्द ही करा दिया जायेगा। ताकि इसके उन्मूलन की दिशा में कार्य किया जा सकें। जिससे टी•बी मुक्त पंचायत बनाया जा सकें। टी•बी मुक्त पंचायत बनने पर वैसे पंचायतों को पुरस्कृत करने का निर्देश दिया गया। उन्हें इसके लिए ग्राम सभा से पारित कराना होगा। ताकि यह सुनिश्चित हो जाये कि टी•बी का कोई मरीज उस पंचायत में नही हैं। ताकि वैसे पंचायतों को टी•बी मुक्त पंचायत घोषित किया जा सकें। दिसम्बर माह तक लक्ष्य पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया।
उप-विकास आयुक्त को सिविल सर्जन द्वारा जानकारी दी गई कि माइक्रोस्कोप-6 बेड टी•बी• वार्ड सदर अस्पताल में खोलने एवं कांके एवं मांडर में जगह की कमी से अवगत कराया गया। जिसपर उप-विकास आयुक्त ने सी•एस•आर• फंड से माइक्रोस्कोप टी•बी• मरीज को अन्य सुविधा प्रदान करने हेतु कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
सिविल सर्जन ने उप-विकास आयुक्त को जानकारी देते कहा कि पूर्व में सदर अस्पताल में जहाँ ओपीडी चल रही थी, वहां 6 बेड का टी•बी• वार्ड बनाया जा सकता हैं। जिसपर उप-विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
टी•बी के मरीज को मिलने वाली सहायता
नेशनल टीबी प्रोटेक्शन प्रोग्राम झारखंड के तहत टी•बी• के मरीजों को 500 रुपये प्रति माह रुपये 6 माह के लिए एवं टी•बी• रोग की दवा मुफ्त में दी जाती हैं। उनकी काउंसिलिंग की जाती हैं, उन्हें बताया जाता हैं, की यह रोग पूरी तरह ठीक किया जा सकता हैं। वे पूरी तरह से ठीक हो कर पूर्ण स्वास्थ्य हो जाएंगे। बाद में इन्हें टी•बी• चैंपियन के रूप में दूसरे मरीजों को रोग के बारे बताने एवं उन्हें जागरूक करने के लिए उनका प्रयोग किया जा सकता हैं।
Reviewed by PSA Live News
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8:29:00 pm
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