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894वां खिचड़ी महाप्रसाद भंडारा : भक्तों की उमड़ी आस्था, तिरुपति बालाजी मंदिर में हजारों ने पाया प्रसाद का आनंद


रांची। 
दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में शनिवार को 894वें खिचड़ी महाप्रसाद भंडारे का आयोजन बड़ी श्रद्धा और भक्ति भावना के साथ संपन्न हुआ। यह परंपरा लगभग नौ शताब्दियों से भक्तों के बीच आस्था का केंद्र बनी हुई है और आज भी उसी उत्साह और भावनाओं के साथ जारी है।

भोग अर्पण और विशेष पूजन

प्रातःकाल भगवान श्री वेंकटेश्वर के विश्वरूप दर्शन से भक्तों की दिनचर्या का शुभारंभ हुआ। इसके बाद पांचरात्र आगम विधान के अंतर्गत तिरूवाराधन तथा षोडषोपचार पूजा-अर्चना विधिवत संपन्न की गई।
पूजन-अर्चन के उपरांत भगवान को सुपक्व खिचड़ी महाप्रसाद का भोग अर्पित किया गया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शास्त्रों में अन्न और जल को जीव की सबसे बड़ी तृप्ति का साधन बताया गया है। अन्न को "पूर्ण" कहा गया है और 'ब्रह्म' भी पूर्ण माना गया है। इसी कारण अन्न को प्रत्यक्ष ब्रह्म का स्वरूप माना जाता है। शास्त्र वचन “अन्नं ब्रह्मा रसो विष्णुः भोक्ता देवो जनार्दनः...” इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।
इसी भाव से निवेदित खिचड़ी प्रसाद अमृतत्व को प्रदान करने वाला, आयु, आरोग्य, सुख और समृद्धि देने वाला माना जाता है।

महाप्रसाद निवेदन

आज का खिचड़ी महाप्रसाद श्री अजित-बबिता कुमारी (रांची निवासी) एवं श्री पी. वर प्रसाद-नव्याश्री (आंध्रप्रदेश निवासी) की ओर से विशेष भक्ति भाव के साथ निवेदित किया गया।

अनुष्ठान संपादन

संपूर्ण अनुष्ठान को संपन्न कराने का सौभाग्य मंदिर के अर्चकगणों – श्री सत्यनारायण गौतम, गोपेश आचार्य और श्री नारायण दास जी को प्राप्त हुआ।

भक्तों का जनसैलाब

भोग अर्पण के बाद खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण किया गया। मंदिर प्रांगण में हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया और आध्यात्मिक तृप्ति का अनुभव किया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से राम अवतार नरसरिया, अनूप अग्रवाल, प्रदीप नरसरिया, रंजन सिंह, प्रभाष मित्तल, शंभूनाथ पोद्दार, सुशील लोहिया, सीता शर्मा, भोला बरनवाल, राकेश जी सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।

भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम

लगभग नौ शताब्दियों से लगातार जारी यह खिचड़ी भंडारा न केवल भक्तों के लिए प्रसाद का अवसर है, बल्कि हिंदू परंपरा की उस विरासत का प्रतीक भी है, जिसमें अन्न को देवत्व का स्थान दिया गया है। इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि प्रसाद केवल भोजन नहीं, बल्कि भगवान की कृपा का माध्यम है, जो भक्तों को आस्था, तृप्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है।

894वां खिचड़ी महाप्रसाद भंडारा : भक्तों की उमड़ी आस्था, तिरुपति बालाजी मंदिर में हजारों ने पाया प्रसाद का आनंद 894वां खिचड़ी महाप्रसाद भंडारा : भक्तों की उमड़ी आस्था, तिरुपति बालाजी मंदिर में हजारों ने पाया प्रसाद का आनंद Reviewed by PSA Live News on 2:28:00 pm Rating: 5

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