“इप्सोवा समाज के दबे-कुचले वर्गों के कल्याण के लिए कर रही सराहनीय कार्य” — मुख्यमंत्री
“ऐसे आयोजन सामाजिक दायित्व और संवेदनशीलता का प्रतीक हैं” — कल्पना सोरेन
रांची, 16 अक्टूबर। राजधानी रांची के डोरंडा स्थित जैप-1 मैदान में गुरुवार को इंडियन पुलिस सर्विस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (इप्सोवा) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “दिवाली मेला 2025” का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। रंग-बिरंगे स्टॉल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और हस्तनिर्मित उत्पादों से सजे इस मेले में पुलिस परिवारों, महिला स्वावलंबी समूहों और स्थानीय उद्यमियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।
मुख्यमंत्री का संबोधन: “इप्सोवा सामाजिक सरोकार की प्रेरणादायी मिसाल”
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इप्सोवा कोई नया नाम नहीं है — यह संस्था वर्षों से समाज के कमजोर, वंचित और पिछड़े वर्गों के बीच सेवा और सहयोग की भावना के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा —
“इप्सोवा समाज के दबे-कुचले एवं वंचित वर्गों को सहायता प्रदान कर मानवता की मिसाल कायम कर रहा है। मैं संस्था की सभी सदस्याओं और पदाधिकारियों को बधाई देता हूँ कि वे अपने व्यस्त समय में भी समाज के प्रति संवेदनशील दायित्व का निर्वहन कर रही हैं।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पुलिस महकमा जहाँ राज्य की जन-जीवन और संपत्ति की सुरक्षा में समर्पित है, वहीं इप्सोवा इस महकमे से जुड़ी महिलाओं का ऐसा मंच है, जो सामाजिक जिम्मेदारी को आत्मसात करते हुए हर वर्ग के बीच सहयोग का संदेश दे रहा है।
“इस तरह के मेले सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का प्रतीक हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इप्सोवा अपने हर लक्ष्य में सफल होगा और नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगा,” — मुख्यमंत्री ने कहा।
कल्पना सोरेन ने दी शुभकामनाएँ
विशिष्ट अतिथि विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने अपने उद्बोधन में कहा कि इप्सोवा जैसे संगठन सामाजिक परिवर्तन के वाहक हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड की महिलाएँ हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी और नेतृत्व से प्रेरक उदाहरण पेश कर रही हैं।
“यह मेला न केवल उत्सव का अवसर है, बल्कि समाज के साथ जुड़ने और जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की पहल भी है,” — कल्पना सोरेन ने कहा।
‘हर जरूरतमंद को अपने साथ खड़ा करने का प्रयास करें’ — मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि समाज में कोई भी व्यक्ति पीछे न रह जाए — इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा —
“जरूरत है कि हम समाज के हर जरूरतमंद को अपने साथ खड़ा कर सकें। हर व्यक्ति में क्षमता है, बस उसे अवसर और सहारा चाहिए। इप्सोवा जैसी संस्थाएँ यही कार्य कर रही हैं — यह समाज के मानवीय चेहरे की सच्ची पहचान है।”
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर इप्सोवा दिवाली मेला में भाग लेने आए सभी आगंतुकों, पुलिस परिवारों और आम नागरिकों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ भी दीं।
मेला बना सामाजिक सद्भाव और स्वावलंबन का प्रतीक
तीन दिवसीय इस दिवाली मेले में इप्सोवा सदस्याओं एवं विभिन्न महिला समूहों द्वारा हस्तनिर्मित वस्त्र, घरेलू सजावट सामग्री, दीप, मिट्टी के दीये, पर्यावरण अनुकूल उपहार और स्थानीय उत्पादों के सैकड़ों स्टॉल लगाए गए हैं। इसके साथ ही बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, फूड ज़ोन और झारखंड की लोक-संस्कृति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र हैं।
मेले का उद्देश्य इन उत्पादों के माध्यम से महिला स्वावलंबन, ग्रामीण हस्तशिल्प के प्रोत्साहन और समाज के वंचित वर्गों की सहायता हेतु निधि संग्रह करना है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और इप्सोवा पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री अनुराग गुप्ता, एडीजी श्रीमती प्रिया दुबे, इप्सोवा की अध्यक्ष श्रीमती शिखा गुप्ता समेत कई वरिष्ठ अधिकारी, पदाधिकारी और सदस्यगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री और विधायक दंपति ने सभी स्टॉलों का भ्रमण कर महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों से संवाद किया और उनके उत्पादों की सराहना की।
दिवाली मेला: सामाजिक सरोकार का दीपोत्सव
इप्सोवा दिवाली मेला न केवल उत्सव और आनंद का मंच है, बल्कि यह सामाजिक संवेदनशीलता, महिला सशक्तिकरण और सेवा भावना का संगम भी है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के शब्दों में —
“इप्सोवा जैसी संस्थाएँ हमें यह याद दिलाती हैं कि समाज में असली रोशनी तब फैलती है जब हम जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद का दीप जलाते हैं।”
Reviewed by PSA Live News
on
7:52:00 pm
Rating:


कोई टिप्पणी नहीं: