अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में रम्भा सह दीपोत्सव एकादशी महापर्व श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में मनाया गया
रांची, 17 अक्टूबर 2025। अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर परिसर शुक्रवार को भक्तिभाव और दीपोत्सव की उज्ज्वल आभा से आलोकित रहा। कार्तिक कृष्ण पक्ष की रम्भा सह दीपोत्सव एकादशी के पावन अवसर पर मंदिर में आयोजित महापर्व को अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।
मंदिर परिसर को दीपावली की भांति सुसज्जित किया गया था। चारों ओर सजे रंग-बिरंगे विद्युत सजावटों और 1100 शुद्ध घी के दीपों की रौशनी से संपूर्ण परिसर अलौकिक प्रतीत हो रहा था। भक्तों ने दीप प्रज्वलित कर प्रभु श्री श्याम के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।
प्रातःकालीन आरती के उपरांत श्री श्याम प्रभु को नवीन बागा वस्त्र पहनाकर स्वर्णाभूषणों से विशेष श्रृंगार किया गया। गुलाब, बेला, रजनीगंधा, गेंदा, जरबेरा और गुलदौदी जैसे ताजे पुष्पों से मंदिर का श्रृंगार मनमोहक रूप में किया गया। इसी क्रम में मंदिर में विराजमान वीर हनुमान जी तथा शिव परिवार का भी विशेष अलंकरण और पूजन किया गया।
रात्रि 9 बजे अखण्ड ज्योत प्रज्वलित की गई। पूरे वातावरण में “श्याम प्रभु के जयकारे” गूंज उठे। तत्पश्चात श्री श्याम मंडल के सदस्यों ने गणेश वंदना के साथ संगीतमय संकीर्तन की शुरुआत की। भावनाओं से ओतप्रोत भक्तों ने निम्न भजनों की मधुर लय पर झूमकर भक्ति का आनंद लिया—
- बैठ्यों रांची मं लगाकर दरबार श्याम धनी राज करे
- अनोखा जो भी हुआ श्याम तेरे द्वार हुआ
- श्याम तेरे भरोसे मेरा ये परिवार है
- दरबार है निराला खाटू के श्याम का
- तुम हमारे थे प्रभु जी, हम तुम्हारे हैं
इन भजनों के साथ मंदिर प्रांगण में भक्ति की तरंगें गूंजती रहीं और श्रद्धालु भावविभोर होकर प्रभु श्याम के चरणों में लीन हो गए।
रात्रि में महाभोग अर्पण का आयोजन हुआ, जिसमें गुलाब जामुन, चंद्रकला, मलाई चाप, लड्डू, गोंद पाक, केसरिया पेड़ा एवं केसरिया दूध का भोग श्री श्याम प्रभु को समर्पित किया गया।
पूरे कार्यक्रम का आयोजन और संचालन श्री श्याम मंडल, रांची के तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम की सफलता में रमेश चन्द्र सारस्वत, ओम जोशी, गोपी किशन ढांढनीयां, चन्द्र प्रकाश बागला, धीरज बंका, नितेश केजरीवाल, प्रियांश पोद्दार, विकाश पाड़िया, जीतेश अग्रवाल एवं अजय साबू का विशेष सहयोग रहा।
भक्तों ने इस आयोजन को दीपावली पर्व की पूर्व संध्या पर “प्रभु श्याम के दरबार में प्रकाश और भक्ति का संगम” बताया। पूरे दिन मंदिर परिसर में दर्शन और प्रसाद वितरण का क्रम निरंतर चलता रहा, वहीं रात्रि में अखंड ज्योत के साथ वातावरण में अध्यात्म और आनंद की मधुर सुगंध व्याप्त रही।
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7:01:00 pm
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