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धनतेरस पर आध्यात्मिक संदेश : ‘स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन’ — ब्रह्माकुमारी निर्मला


राँची । 
दीपावली के शुभ पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है, जो न केवल धन-संपत्ति की आराधना का प्रतीक है बल्कि स्वास्थ्य और सात्विकता का भी संदेश देता है। इसी संदर्भ में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय सेवा केन्द्र, चौधरी बगान, हरमू रोड, राँची में आज “धनतेरस का आध्यात्मिक महत्व” विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन केन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने किया। उन्होंने उपस्थित साधकों एवं भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि —

“धनतेरस का वास्तविक अर्थ केवल सोना-चाँदी या वस्तुओं की खरीद नहीं है। इसका संबंध ‘अन्न’ और ‘आरोग्य’ से है। इस दिन भगवान धन्वंतरि के अवतरण का स्मरण किया जाता है, जो आयुर्वेद के प्रवर्तक माने जाते हैं। अतः यह दिन हमें स्मरण कराता है कि सच्चा धन स्वास्थ्य और सात्विक जीवन है।”

ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा कि “पहला सुख निरोगी काया” यह कहावत केवल कहने भर की नहीं, बल्कि जीवन का मूल आधार है। उन्होंने बताया कि जब मन और शरीर दोनों सात्विक होते हैं, तभी आत्मा में शांति, संतुलन और दिव्यता का प्रकाश जलता है।

उन्होंने आगे कहा कि —

“हम धनतेरस के दिन नए बर्तनों में नया अन्न रखकर भगवान को भोग लगाते हैं, परंतु यह कर्म प्रतीक मात्र है। वास्तविक आध्यात्मिक धन तब प्राप्त होता है जब प्रतिदिन पवित्र भाव से, सात्विक भोजन तैयार कर, परमात्मा को भोग लगाकर उसे प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाए। यही प्रक्रिया आत्मा के दीपक को स्थायी रूप से प्रज्ज्वलित करती है।”

कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि जब परमात्मा इस धरती पर अवतरित होकर सतयुग जैसे स्वर्णिम युग की स्थापना करते हैं, तो वे मानवात्माओं को सात्विक जीवनशैली का संस्कार देकर उनके भीतर के ‘ज्ञान दीप’ को पुनः प्रज्वलित करते हैं। धनतेरस का पर्व इसी दिव्य स्मृति का प्रतीक है — वह स्मृति जिसमें आत्मा को सात्विकता और ईश्वरीय ज्ञान के माध्यम से पुनः प्रकाशित किया जाता है।

समापन में ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने सभी उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे इस धनतेरस केवल वस्त्र या बर्तन न खरीदें, बल्कि अपने जीवन में सात्विकता, संयम और आध्यात्मिकता जैसे अमूल्य ‘धन’ को अपनाने का संकल्प लें।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, ब्रह्माकुमारी संगठन से जुड़े भाई-बहन, युवा वर्ग और श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी को सात्विक प्रसाद का वितरण किया गया।

धनतेरस पर आध्यात्मिक संदेश : ‘स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन’ — ब्रह्माकुमारी निर्मला धनतेरस पर आध्यात्मिक संदेश : ‘स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन’ — ब्रह्माकुमारी निर्मला Reviewed by PSA Live News on 7:35:00 pm Rating: 5

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