रमा एकादशी पर श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में हुआ तिरूमंजनानुष्ठान, हरि श्रीनिवास के महाभिषेक से गुंजा दिव्यदेशम् परिसर
रांची, 17 अक्टूबर 2025। दिव्यदेशम् श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में शुक्रवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की रमा एकादशी के पावन अवसर पर भव्य तिरूमंजनानुष्ठान का आयोजन हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, मंगलध्वनियों और वेदपाठ से सारा वातावरण भक्तिमय और अलौकिक बन गया।
इस अवसर पर लक्ष्मी रसिक शंखचक्रगदापाणि भगवान श्री वेंकटचलपति श्रीनिवास का दिव्य विश्वरूप दर्शन कराया गया। प्रातःकालीन सुप्रभातम् एवं मंगलाशासनम् के पश्चात पांचरात्र आगम विधान के अंतर्गत विधिवत तिरूवाराधन संपन्न हुआ, जिसके बाद भक्तिमय वातावरण में महाभिषेक अनुष्ठान प्रारंभ हुआ।
दूध, दधि, शहद और गंगा-जल से संपन्न हुआ महाभिषेक
महाभिषेक के दौरान श्रीदेवी–भूदेवी लक्ष्मी के मध्य विराजमान हरि श्रीनिवास सहित चक्रराज सुदर्शन जी की मूर्तियों को दूध, दधि, शहद, डाभयुक्त जल, गंगा एवं गंडकी के पवित्र जल से क्रमवार स्नान कराया गया।
इसके बाद आचार्यों ने हरिद्राचूर्ण और सुगंधित चंदन से भगवान का अनुलेपन किया।
फिर शंखधारा, चक्रघारा, कलशधारा और सहस्त्रधारा रूपी विशेष यंत्रों के माध्यम से भगवान का विविध विधाओं से अभिषेक हुआ। मंदिर में “गोविंदा गोविंदा!” और “वेंकटेशाय नमः!” के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
महाशृंगार और महाआरती से झलका दिव्य आभा का संसार
महाभिषेक उपरांत भगवान श्री वेंकटचलपति श्रीनिवास सहित सभी प्रतिष्ठित विग्रहों को रेशमी वस्त्रों से आवृत कर स्वर्ण और रजत आभूषणों से सजाया गया। सुगंधित पुष्पमालाओं से श्रृंगार के बाद नक्षत्र, कुंभ एवं कर्पूर बाती से महाआरती सम्पन्न हुई।
इसके साथ ही वैदिक ऋचाओं और सर्वमंगलमय सुश्राव्य वेदध्वनियों के बीच महास्तुति पाठ हुआ। श्रद्धालुओं ने इस अलौकिक दृश्य के दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव किया।
भोग और प्रसाद से महोत्सव बना भक्तिमय पर्व
अनुष्ठान के उपरांत भगवान को विविध प्रकार के भोग अर्पित किए गए।
प्रथम भोग में साँवा के दाने की खीर, आलू, कुट्टू एवं सिंघाड़े के आटे की पकौड़ी, साबूदाना और आलू की खेंचड़ी, ताजे फल और मेवा से बने बालभोग का निवेदन किया गया।
दोपहर और रात्रि के राजभोग में द्वादश प्रकार के विशिष्ट व्यंजनों का भोग लगाया गया, जिनमें पंचामृत, मिश्री चूर्ण, रसमलाई, खीर, लड्डू, मोहनभोग, और पायस प्रमुख थे।
वैदिक आचार्यों ने संपन्न कराया विधिवत अनुष्ठान
सम्पूर्ण अनुष्ठान मंदिर के अर्चक त्रय — श्री सत्यनारायण गौतम, श्री गोपेश आचार्य एवं श्री नारायण दास जी — के सान्निध्य में वैदिक रीति से सम्पन्न हुआ।
महाभिषेक यजमान के रूप में श्री आनंद प्रकाश अग्रवाल एवं धर्मपत्नी श्रीमती राधिका अग्रवाल (रांची निवासी) ने विधिवत पूजा-अर्चना की और समस्त भक्तों के कल्याण हेतु आशीर्वाद प्राप्त किया।
भक्तों का सैलाब, अलौकिक आस्था का अनुभव
अनुष्ठान में मुख्य रूप से राम अवतार नरसरिया, अनूप अग्रवाल, प्रदीप नरसरिया, घनश्याम दास शर्मा, गौरीशंकर साबू, रामवृक्ष साहू, रंजन सिंह और सुशील गाड़ोदिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सभी भक्तों ने अपने-अपने परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना करते हुए भगवान वेंकटेश्वर के चरणों में पूजा-अर्चना की।
दिव्यदेशम् श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि इसने कार्तिक मास की रमा एकादशी के अवसर पर भक्तों को भक्ति, शांति और आनंद की अनुभूति भी प्रदान की।
Reviewed by PSA Live News
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7:09:00 pm
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