तीसरे दिन नानी बाई को मायरो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा
रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी सहायक समिति के संयुक्त तत्वावधान में हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन रांची में आयोजित तीन दिवसीय मारवाड़ महोत्सव 2026 का भव्य और भावनात्मक समापन अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महोत्सव ने न केवल मारवाड़ी समाज बल्कि संपूर्ण झारखंडवासियों को राजस्थान की राजसी परंपराओं, जीवंत लोक संस्कृति और समृद्ध विरासत से साक्षात्कार कराया। तीन दिनों तक चला यह सांस्कृतिक उत्सव जनसैलाब का केंद्र बना रहा, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लेकर कार्यक्रमों का आनंद लिया।
महोत्सव के अंतिम दिन प्रस्तुत की गई “नानी बाई को मायरो” की जीवंत नृत्य-नाटिका ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। पारंपरिक संगीत, भावपूर्ण अभिनय और लोकनृत्य के समन्वय से सजी इस प्रस्तुति ने श्रद्धा, करुणा और सामाजिक मूल्यों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से मंच पर जीवंत कर दिया। दर्शकों ने इसे खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।राजस्थान से पधारे लगभग 40 ख्यातिप्राप्त लोक कलाकारों ने तीन दिनों तक लोककला, लोकगीत, घूमर, कालबेलिया नृत्य, कठपुतली नृत्य, लोकनाट्य, हास्य प्रस्तुतियों और पारंपरिक रंगों के माध्यम से राजस्थान की जीवित संस्कृति को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। कलाकारों की पारंपरिक मारवाड़ी वेशभूषा, सजीव अभिव्यक्तियाँ और सुमधुर संगीत ने पूरे वातावरण को राजस्थानी रंग में रंग दिया।महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण “चोखी धाणी” रहा, जहाँ हजारों लोगों ने 30 से अधिक पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद लिया।दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी, मठा, बाजरे की रोटी सहित अनेक स्वादिष्ट व्यंजनों ने लोगों की जीभ को राजस्थानी स्वाद से परिचित कराया।इसके अतिरिक्त महोत्सव में हस्तकला प्रदर्शनी, मेहंदी रचनी, “वो अपनी संस्कृति ने जाणो” कार्यक्रम, मारवाड़ी परंपरा एवं विरासत की प्रस्तुति, “मारवाड़ री मंच” पर लोक कलाकारों की प्रस्तुतियाँ, “रंग भरो राजस्थान” के अंतर्गत रंगों की रचनात्मक छटा, “अपणी माटी रो गीत” के माध्यम से मिट्टी से जुड़े मधुर लोकगीत, “पगड़ी रो पेंच” द्वारा पगड़ी बांधने की कला और “हंस लो सा” जैसे हास्य से भरपूर कार्यक्रमों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर एवं विशिष्ट अतिथि विधायक श्री सी.पी. सिंह रहे। दोनों अतिथियों ने इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। मारवाड़ महोत्सव मारवाड़ी गौरव, संस्कृति और परंपरा का ऐसा भव्य संगम सिद्ध हुआ, जिसने रांची की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं और लंबे समय तक स्मृतियों में जीवित रहने वाला उत्सव बन गया। इस अवसर पर रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया,ओम प्रकाश अग्रवाल, सुरेश चंद्र अग्रवाल, विनोद कुमार जैन,ललित कुमार पोद्दार, पवन कुमार शर्मा, कमल कुमार केडिया, अरुण भरतीया अनुज अग्रवाल, विकास मोदी,संजीव विजयवर्गीय, विजय अग्रवाल, अभिषेक झाझरिया, डाॅली केजरीवाल, शशांक बजाज, विनीता सिंघानिया, कुणाल जालान, शैलेश अग्रवाल, रमन बोड़ा, अशोक नारसरिया, मनोज चौधरी,कौशल राजगढ़िया, सज्जन पाड़िया,निर्मल बुधिया, अनिल अग्रवाल, किशन पोद्दार, कमलेश संचेती, संजय सर्राफ, प्रमोद सारस्वत, सुनील पोद्दार, अमर अग्रवाल,राजेंद्र केडिया, अजय डीडवानिया,किशन पोद्दार,विजय खोवाल,अजय बजाज, प्रकाश धेलिया, प्रमोद बगड़िया, पदम् चंद्र जैन, आनंद जालान, नारायण विजयवर्गीय, अरुण बुधिया, रवि शर्मा, भरत बगड़िया, राजेश भरतिया, राजेश कौशिक, रिंकू अग्रवाल, नरेश बंका, रमाशंकर बगड़िया, अजय भरतिया, कमल शर्मा, सहित दोनों संस्था के सदस्यगण उपस्थित थे। यह जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।
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4:50:00 am
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