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श्रद्धा और वैदिक विधि-विधान के साथ मनाया गया नव संवत्सर 2083, दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में हुआ भव्य आयोजन


रांची।
प्रकृति, परंपरा और सनातन संस्कृति के संगम के रूप में नव संवत्सर (श्री विक्रम संवत् 2083) का आगमन राजधानी में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में शास्त्रीय आदेशों के अनुरूप भव्य धार्मिक अनुष्ठान और पंचांग पठनम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

मंदिर परिसर में 19 मार्च, गुरुवार को क्षयवती प्रतिपदा तिथि के पावन अवसर पर नव संवत्सर का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस दौरान वैदिक परंपरा के अनुसार संवत्सर फल, वर्षफल, मास फल और राशिफल का वाचन किया गया। विद्वानों द्वारा प्रस्तुत पंचांग के अनुसार इस वर्ष संवत्सर के राजा गुरु (बृहस्पति), मंत्री मंगल, सस्येश शुक्र, दुर्गेश चंद्रमा तथा धनेश पद पर पुनः गुरु विराजमान हैं। इसके साथ ही रसेश सूर्य, धन्येश बुध तथा अन्य ग्रहों की स्थितियों का विस्तार से वर्णन किया गया, जिससे वर्षभर के शुभ-अशुभ संकेतों की जानकारी दी गई।

पंचांग पठन प्रारंभ होने से पूर्व मंदिर संचालन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष श्री राम अवतार नरसरिया एवं अन्य सदस्यों द्वारा सामूहिक संकल्प लिया गया, जिसमें समाज की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत ब्रह्ममुहूर्त में भगवान के विश्वरूप दर्शन से हुई। इसके उपरांत सुप्रभातम्, करावलंबम् और मंगलाशासनम् के साथ पंचरात्र आगम विधि से षोडशोपचार पूजन कर तिरूवाराधन संपन्न किया गया। श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भगवान का भव्य महाभिषेक किया गया, जिसमें दूध, दही, हल्दी, शहद, चंदन, केसर, गंगाजल और नारियल जल का उपयोग किया गया।

महाभिषेक के पश्चात भगवान को आकर्षक रेशमी वस्त्रों से अलंकृत किया गया और बहुमूल्य आभूषणों के साथ दिव्य श्रृंगार अर्पित किया गया। गुलाब और रजनीगंधा की सुगंधित पुष्पमालाओं से सुसज्जित भगवान के दर्शन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद नक्षत्र, कुंभ और कर्पूर दीपों से भव्य महाआरती की गई, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर हो उठा।

इस अवसर पर वेद, उपनिषद एवं देशिक स्तोत्रों की मधुर ऋचाओं के साथ महास्तुति का आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

महाभिषेक के यजमान के रूप में श्री रामवृक्ष साहू एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती ऊषा साहू उपस्थित रहे, जबकि दिनभर के भोग निवेदन का दायित्व श्री अनीश अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सोनिया अग्रवाल ने निभाया।

पूरे अनुष्ठान को मंदिर के अर्चकों श्री सत्यनारायण गौतम, श्री गोपेश आचार्य और श्री नारायण दास जी ने विधिवत संपन्न कराया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री राम अवतार नरसरिया, ओमप्रकाश केजरीवाल, अनूप अग्रवाल, गौरीशंकर साबू, शशिभूषण सिंह, सुशील लोहिया, रंजन सिंह, कन्हैया लोहिया, राजेश अग्रवाल, सुनील सिंह ‘बादल’, श्रीमती कृष्णा सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

नव संवत्सर के इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि सनातन परंपराएं आज भी समाज को एक सूत्र में बांधने और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का सशक्त माध्यम हैं।

श्रद्धा और वैदिक विधि-विधान के साथ मनाया गया नव संवत्सर 2083, दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में हुआ भव्य आयोजन श्रद्धा और वैदिक विधि-विधान के साथ मनाया गया नव संवत्सर 2083, दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में हुआ भव्य आयोजन Reviewed by PSA Live News on 11:52:00 am Rating: 5

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