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झारखंड में उच्च शिक्षा को नई दिशा: JSFDA का पहला वार्षिक कॉन्क्लेव रांची में संपन्न, NEP-2020 और AI पर गहन मंथन



रांची: 
झारखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र को नई ऊर्जा और दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत स्थापित झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी (JSFDA) ने अपनी स्थापना की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर शुक्रवार को रांची स्थित होटल BNR चाणक्य में प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया। यह कॉन्क्लेव न केवल राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य के लिए अहम साबित हुआ, बल्कि इसमें भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस रणनीतियों पर भी मंथन किया गया।

कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव, नीति-निर्माताओं तथा सरकारी और निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। इसके साथ ही JSFDA के ज्ञान साझेदार संस्थानों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद मुख्य अतिथियों और विशिष्ट वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव-सह-अध्यक्ष श्री राहुल कुमार पुरवार ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी पूंजी है, और इसे सही दिशा, कौशल तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, प्रेरक और राष्ट्रनिर्माता की भूमिका निभाएं।

मुख्य अतिथि एवं प्रख्यात शिक्षाविद् श्री पी. कंडास्वामी ने शिक्षा में तकनीकी समावेशन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बदलते समय में शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों, विशेषकर डिजिटल और AI आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाना होगा। उन्होंने JSFDA द्वारा अल्प समय में जेंडर सेंसिटाइजेशन, मानसिक स्वास्थ्य, भाषाई विकास और लेखन कौशल जैसे विषयों पर आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स (FDP) की सराहना की और इनके विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया।

कॉन्क्लेव के विभिन्न सत्रों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग तथा शिक्षकों को नेतृत्वकर्ता के रूप में विकसित करने जैसे विषयों पर गंभीर और विस्तृत चर्चा हुई।

पहले सत्र में NEP 2020 के जमीनी क्रियान्वयन की चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। दूसरे सत्र में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि AI शिक्षकों का विकल्प नहीं, बल्कि एक सहायक उपकरण है, जो शिक्षण को अधिक प्रभावी और इंटरैक्टिव बना सकता है। तीसरे सत्र में शिक्षकों के नेतृत्व कौशल के विकास पर विशेष जोर दिया गया, ताकि वे शैक्षणिक संस्थानों को बेहतर दिशा दे सकें।

विशेषज्ञों ने झारखंड की समृद्ध जैव विविधता और खनिज संसाधनों को शिक्षा और उद्यमिता से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य में डिजिटल अवसंरचना को मजबूत किया जाए, शोध एवं प्रकाशन को प्रोत्साहित किया जाए और छात्रों के लिए प्रभावी परामर्श प्रणाली विकसित की जाए, जिससे शिक्षा का स्तर और अधिक उन्नत हो सके।

समापन सत्र में JSFDA द्वारा आयोजित लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। राजकीय महिला पॉलिटेकनिक, रांची की छात्रा श्रुति सोनी को प्रथम पुरस्कार (₹25,000) तथा मारवाड़ी कॉलेज की छात्रा अंशिका चौधरी को द्वितीय पुरस्कार (₹20,000) प्रदान किया गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

कार्यक्रम के अंत में माननीय राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव ने शिक्षकों से अपील की कि वे समय के साथ स्वयं को निरंतर अपडेट करते रहें और शिक्षण पद्धतियों में नवाचार लाएं। उन्होंने JSFDA को प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण शोध और पाठ्यक्रम अद्यतन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

कुल मिलाकर, यह कॉन्क्लेव झारखंड में उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, समावेशी और भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ। यह आयोजन राज्य के शिक्षकों और नीति-निर्माताओं के लिए एक ऐसा साझा मंच बना, जहां विचारों का आदान-प्रदान कर शिक्षा के बेहतर भविष्य की रूपरेखा तैयार की गई।

झारखंड में उच्च शिक्षा को नई दिशा: JSFDA का पहला वार्षिक कॉन्क्लेव रांची में संपन्न, NEP-2020 और AI पर गहन मंथन झारखंड में उच्च शिक्षा को नई दिशा: JSFDA का पहला वार्षिक कॉन्क्लेव रांची में संपन्न, NEP-2020 और AI पर गहन मंथन Reviewed by PSA Live News on 4:07:00 pm Rating: 5

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