नई दिल्ली। नवरात्र के पावन पर्व पर जब पूरा देश आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना के साथ नववर्ष का स्वागत कर रहा है, उसी दौरान राजधानी नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन (NDIC 2026) का सफल समापन देश की सामरिक शक्ति और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया।
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री Sanjay Seth ने भाग लिया और देश के रक्षा क्षेत्र में हो रहे व्यापक परिवर्तन पर प्रकाश डाला।
सरकार, उद्योग और नवाचार का मजबूत संगम
NDIC 2026 ने सरकार, निजी उद्योग, MSMEs और स्टार्टअप्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का एक प्रभावी मंच प्रदान किया। सम्मेलन के दौरान रक्षा उत्पादन में आधुनिक तकनीकों, नवाचार और स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई।
समापन अवसर पर प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए मंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब रक्षा क्षेत्र में MSMEs और स्टार्टअप्स की भूमिका की कल्पना भी नहीं की जाती थी, लेकिन आज यह वास्तविकता बन चुकी है।
प्रधानमंत्री के विज़न से मिली नई दिशा
मंत्री ने इस बदलाव का श्रेय देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विज़न को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और प्रोत्साहन के कारण आज निजी क्षेत्र और युवा उद्यमी रक्षा निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक के विकास, आयात पर निर्भरता में कमी और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस प्रगति देखी जा रही है।
युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए खुल रहे नए अवसर
सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि रक्षा क्षेत्र अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए भी नए द्वार खोल रहा है।
नई तकनीकों, ड्रोन, एआई, साइबर सुरक्षा और उन्नत हथियार प्रणालियों में स्टार्टअप्स की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हो रहे हैं।
2030 तक के महत्वाकांक्षी लक्ष्य
सरकार ने वर्ष 2030 तक
₹50,000 करोड़ के रक्षा निर्यात
₹3 लाख करोड़ के रक्षा उत्पादन
का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार, उद्योग और युवाओं के सामूहिक प्रयास से ये लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किए जाएंगे।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत
NDIC 2026 को भारत के रक्षा क्षेत्र में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। यह सम्मेलन न केवल देश की सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक रक्षा उत्पादन हब के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नवरात्र के इस शुभ अवसर पर आयोजित यह सम्मेलन देश की शक्ति, आत्मनिर्भरता और नवाचार की नई दिशा का प्रतीक बनकर उभरा है।
Reviewed by PSA Live News
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4:36:00 pm
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