रांची: शिक्षा के अधिकार को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में रांची जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009 के अंतर्गत कमजोर एवं अभिवंचित वर्ग के बच्चों के लिए निजी विद्यालयों में 25% आरक्षित सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया है। इस पूरी प्रक्रिया का संचालन आधुनिक तकनीक के जरिए ऑनलाइन पोर्टल rteranchi.in के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे अभिभावकों को सुविधा और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित हो सके।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया 16 फरवरी 2026 से शुरू होकर पहले 15 मार्च तक निर्धारित थी, लेकिन अभिभावकों की मांग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने अंतिम तिथि बढ़ाकर 22 मार्च 2026 कर दी। इस निर्णय से बड़ी संख्या में अभिभावकों को आवेदन करने का अवसर मिला।
आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 23 मार्च 2026 को समाहरणालय स्थित कॉन्फ्रेंस कक्ष में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संबंधित अधिकारियों के साथ की गई, जिसमें जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती उर्वशी पांडेय, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री बादल राज, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा श्री रविशंकर मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सामने आए आंकड़े इस प्रक्रिया की व्यापकता और जरूरत को दर्शाते हैं। जिले के 117 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कुल 1161 सीटें आरक्षित की गई हैं, जबकि पोर्टल के माध्यम से कुल 1499 आवेदन प्राप्त हुए हैं। खास बात यह है कि इन आवेदकों ने कुल 3908 सीटों को अपनी प्राथमिकता के रूप में चुना है, जो यह दर्शाता है कि अभिभावक अपने बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा के विकल्पों को लेकर सजग और सक्रिय हैं।
उपायुक्त श्री भजन्त्री ने बैठक में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी आवेदनों के साथ अपलोड किए गए दस्तावेजों — जैसे आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र आदि — की जांच 26 मार्च 2026 तक हर हाल में पूरी कर ली जाए। यह जांच पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, रांची नगर निगम, सिविल सर्जन कार्यालय (सदर अस्पताल) और RIMS के प्रतिनिधियों द्वारा की जाएगी, ताकि प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या देरी न हो।
दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अगला चरण ऑनलाइन लॉटरी का होगा, जिसमें कंप्यूटरीकृत रैंडम चयन के माध्यम से बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। इसकी तिथि जल्द ही उपायुक्त कार्यालय द्वारा घोषित की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुरक्षित होगी, जिससे किसी भी प्रकार के पक्षपात की संभावना समाप्त हो जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि RTE अधिनियम के तहत यह पहल समाज के कमजोर तबकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक सशक्त कदम है। यह न केवल शिक्षा में समानता लाने का प्रयास है, बल्कि सामाजिक समावेशन को भी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने आवेदन की स्थिति नियमित रूप से rteranchi.in पोर्टल पर जांचते रहें। किसी भी प्रकार की सहायता या शिकायत के लिए पोर्टल पर उपलब्ध संपर्क माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है।
समापन में, यह पहल रांची जिला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें हर बच्चे को समान अवसर और बेहतर भविष्य देने की सोच को प्राथमिकता दी जा रही है।
Reviewed by PSA Live News
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10:46:00 am
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