मधुबनी — बिहार में साइबर अपराध पर लगाम कसने की दिशा में मधुबनी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, साइबर थाना की टीम ने एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का जाल बिछाते थे।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
साइबर थाना को 24 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना मिली कि अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र के कुछ व्यक्ति लौकहा रेलवे स्टेशन के आसपास ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर फ्रॉड कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और मौके पर छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान रेलवे स्टेशन के पीछे स्थित एक मकान से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उनकी पहचान नौशाद आलम, मो. नजीबुद्दीन, मो. अनस और मो. तनवीर आलम के रूप में हुई, जो सभी अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
ठगी का तरीका (Modus Operandi)
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल कॉल के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद वे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज और अन्य बहानों से पैसे वसूलते थे। ठगी के लिए ये लोग फर्जी सिम कार्ड और एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करते थे, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग से जुड़े उपकरण बरामद किए हैं:
- मोबाइल फोन – 07
- सिम कार्ड – 15
- एटीएम कार्ड – 20
- ग्राहक रजिस्टर – 05
इन बरामदगी से साफ है कि गिरोह बड़े स्तर पर संगठित तरीके से ठगी को अंजाम दे रहा था।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में मधुबनी साइबर थाना कांड संख्या 20/26 दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट 2000 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की अपील
मधुबनी पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि नौकरी या अन्य किसी भी ऑनलाइन ऑफर के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाना को दें।
Reviewed by PSA Live News
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5:20:00 pm
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