रांची में फुटकर विक्रेताओं को मिलेगा ‘नमो स्टॉल’, 50 हजार की लागत वाला ठेला निःशुल्क—महिला व दिव्यांग को प्राथमिकता
संजय सेठ की पहल—ट्रैफिक सुधरेगा, स्वच्छता बढ़ेगी, छोटे कारोबारियों को मिलेगा सम्मानजनक रोजगार
रांची: रांची शहर के फुटकर फल एवं सब्जी विक्रेताओं के लिए एक बड़ी राहत और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रक्षा राज्य मंत्री सह रांची के सांसद श्री संजय सेठ की पहल पर “नमो स्टॉल (ठेला)” वितरण योजना की शुरुआत की जा रही है। इस योजना के तहत लगभग 50 हजार रुपये लागत से तैयार आधुनिक मोबाइल स्टॉल शहर के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
यह स्टॉल विशेष रूप से इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि इनमें पर्याप्त मात्रा में फल और सब्जियों का सुरक्षित भंडारण किया जा सके। साथ ही, इन्हें आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता है, जिससे विक्रेताओं को अपने मोहल्लों और गली-गली जाकर व्यापार करने में सुविधा होगी।
इस योजना का औपचारिक शुभारंभ कल शाम 4 बजे किया जाएगा, जहां चयनित लाभुकों के बीच नमो स्टॉल का वितरण शुरू होगा।
महिलाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता
इस पहल में महिला विक्रेताओं और दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल सके। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का भी अवसर प्राप्त होगा।
मुंबई-बेंगलुरु मॉडल पर आधारित पहल
रांची में यह योजना देश के महानगरों—मुंबई और बेंगलुरु—की तर्ज पर लागू की जा रही है, जहां संगठित तरीके से स्ट्रीट वेंडिंग को बढ़ावा दिया गया है। इसका उद्देश्य शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाना और अव्यवस्थित ठेलों के कारण होने वाली बाधाओं को कम करना है।
स्वच्छता और यातायात दोनों में सुधार
नमो स्टॉल के माध्यम से न केवल विक्रेताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था में भी सुधार होगा। एक समान और व्यवस्थित ठेलों के उपयोग से सड़कों पर फैलने वाली गंदगी कम होगी और यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम बनेगी। इससे खरीदारों को भी एक साफ-सुथरा और सुविधाजनक खरीदारी का माहौल मिलेगा।
आर्थिक मजबूती की दिशा में कदम: संजय सेठ
रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने इस योजना को लेकर कहा कि रेहड़ी-पटरी वाले न केवल शहर, बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ हैं। उन्होंने कहा, “इन छोटे व्यवसायियों को सशक्त बनाना, देश की आर्थिक मजबूती को सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से यह योजना शुरू की जा रही है, ताकि ये परिश्रमी लोग आत्मनिर्भर बन सकें और अपने व्यवसाय को नई गति दे सकें।”
उन्होंने आगे कहा कि “स्वच्छ रांची और समृद्ध रांची” के लक्ष्य को हासिल करने में यह पहल अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस जनहितकारी पहल का समर्थन करें और छोटे व्यवसायियों को प्रोत्साहित करें।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
इस योजना के लागू होने से रांची की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। संगठित और सुसज्जित स्टॉल के माध्यम से विक्रेताओं की आय में वृद्धि होगी, जिससे बाजार में क्रय शक्ति बढ़ेगी और समग्र आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
कुल मिलाकर, “नमो स्टॉल” योजना रांची के फुटकर विक्रेताओं के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है, जो उन्हें आत्मनिर्भरता, सम्मान और बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करेगी।
Reviewed by PSA Live News
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12:19:00 pm
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