प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इन दिनों धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा आयोजित हनुमंत कथा धार्मिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यमुना नदी के तट पर स्थित अरैल क्षेत्र में चल रहे इस आयोजन में बुधवार को कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) भी शामिल हुए।
कथा
स्थल पर पहुंचकर राजा भैया ने कार्यक्रम में भाग लिया और श्रद्धालुओं को संबोधित
करते हुए कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सनातन
धर्म के सामने बड़ी चुनौतियां हैं और ऐसे में सभी सनातन धर्मावलंबियों को एकजुट
होकर अपनी परंपराओं और मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।
राजा
भैया ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत को “हिंदू राष्ट्र” बनाने का लक्ष्य आसान नहीं है, बल्कि इसके लिए त्याग और समर्पण की
आवश्यकता होगी। उनके इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस को जन्म दे
दिया है।
इसके
साथ ही उन्होंने ‘वंदे
मातरम्’ के मुद्दे को भी
प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बंकिम
चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को संविधान सभा द्वारा मान्यता दी गई है
और यह देश की संसद से लेकर विभिन्न विधानसभाओं में गाया जाता है। ऐसे में जो
राजनीतिक दल या प्रत्याशी इसका विरोध करते हैं, उन्हें जनता को चुनाव में सबक सिखाना
चाहिए।
हनुमंत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं और धार्मिक वातावरण के बीच सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है। इस आयोजन ने एक बार फिर धर्म और राजनीति के आपसी संबंधों को लेकर बहस को तेज कर दिया है।
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