मधुबनी। मधुबनी मंडल कारा में आयोजित बंदी दरबार के दौरान जिला प्रशासन का संवेदनशील और सकारात्मक चेहरा देखने को मिला। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कारा पहुंचकर बंदियों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान कई बंदियों ने अपनी दैनिक जरूरतों, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिनके त्वरित समाधान का आश्वासन अधिकारियों ने दिया।
निरीक्षण
के क्रम में अधिकारियों ने कारा में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों का भी जायजा
लिया। महिला बंदियों को सेनेटरी पैड निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाता देख उन्होंने
इसकी सराहना की और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल बताया। वहीं पुरुष
बंदियों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसे आत्मनिर्भरता और भविष्य में
आजीविका के अवसरों से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे प्रयास
बंदियों के सम्मानजनक पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जिलाधिकारी
और पुलिस अधीक्षक ने कारा परिसर के विभिन्न वार्ड, पुस्तकालय, अस्पताल तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का
भी निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को
आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि
बंदियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षित वातावरण मिल सके। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने
पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि कारा को केवल बंदीगृह के रूप में नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास के केंद्र के रूप में विकसित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य के साथ प्रशासन लगातार सुधारात्मक कदम उठा रहा है, ताकि बंदी समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक लौट सकें।
Reviewed by PSA Live News
on
9:53:00 pm
Rating:



कोई टिप्पणी नहीं: