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मिथिला में ‘सुपर फूड’ मखाना से समृद्धि की राह: आधुनिक तकनीक से किसानों की आय दोगुनी करने की पहल

 पूसा कृषि विश्वविद्यालय की मखाना परियोजना झंझारपुर में सफल, ‘स्वर्ण वैदेही’ किस्म से बढ़ेगी पैदावार और गुणवत्ता

मधुबनी/झंझारपुर: मिथिलांचल के किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में मखाना खेती एक नई उम्मीद बनकर उभर रही है। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय (पूसा) द्वारा संचालित मखाना परियोजना झंझारपुर क्षेत्र में सफलता की नई कहानी लिख रही है।

विश्वविद्यालय के मखाना अनुसंधान एवं विकास उत्कृष्टता केंद्र के तत्वावधान में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, झंझारपुर द्वारा इस परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों को उन्नत तकनीक, बेहतर बीज और वैज्ञानिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन पर जोर

परियोजना के तहत झंझारपुर स्थित अनुसंधान केंद्र में 0.5 हेक्टेयर क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले मखाना बीज का उत्पादन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को प्रमाणित एवं उन्नत बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि करना है।

‘स्वर्ण वैदेही’ किस्म से बढ़ी उम्मीदें

वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में मखाना की उन्नत किस्म ‘स्वर्ण वैदेही’ का किसानों के खेतों पर सफल प्रदर्शन किया गया। इस पहल में झंझारपुर प्रखंड के मेहथ गांव के प्रगतिशील किसान भागवत मुखिया तथा पंडौल प्रखंड के भगवतीपुर गांव के किसान परमेश्वर मुखिया सहित कई किसानों ने भाग लिया।

इस उन्नत किस्म से बेहतर उत्पादन, उच्च गुणवत्ता और बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ी है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेषज्ञों ने की परियोजना की सराहना

परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचीं परियोजना निदेशक डॉ. पूजा सिंह ने झंझारपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में मखाना की खेती का जायजा लिया। किसानों के खेतों में लहलहाती फसल को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया और कहा—
“मखाना एक ‘सुपर फूड’ है जिसकी मांग देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी से बढ़ रही है। यदि किसान उन्नत तकनीक और ‘स्वर्ण वैदेही’ जैसी किस्मों को अपनाते हैं, तो उनकी आय दोगुनी होना तय है।”

वैज्ञानिकों की टीम रही मौजूद

निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. संजय कुमार के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की टीम मौजूद रही, जिसमें डॉ. घनश्याम नाथ झा, डॉ. सुमित कुमार, धीरेंद्र कुमार, आशीष राय, सुधांशु रंजन और अशोक राम शामिल थे।

किसानों में बढ़ा उत्साह

इस अवसर पर मखाना उत्पादक किसान महेश्वर ठाकुर, रंजीत मुखिया, भागवत मुखिया, परमेश्वर मुखिया और अशोक कुमार चौधरी सहित कई किसानों ने भाग लिया। किसानों ने परियोजना के तहत मिल रहे तकनीकी सहयोग और उन्नत बीज की सराहना की।

मखाना, जिसे अब ‘सुपर फूड’ के रूप में वैश्विक पहचान मिल रही है, मिथिला के किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बन सकता है। वैज्ञानिक तकनीकों, उन्नत किस्मों और संस्थागत सहयोग के साथ यह परियोजना न केवल उत्पादन बढ़ा रही है, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक ठोस कदम साबित हो रही है।

मिथिला में ‘सुपर फूड’ मखाना से समृद्धि की राह: आधुनिक तकनीक से किसानों की आय दोगुनी करने की पहल मिथिला में ‘सुपर फूड’ मखाना से समृद्धि की राह: आधुनिक तकनीक से किसानों की आय दोगुनी करने की पहल Reviewed by PSA Live News on 10:05:00 pm Rating: 5

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