मधुबनी में सड़क सुरक्षा पर सख्त मंथन: ब्लैक स्पॉट सुधार, ई-रिक्शा पंजीकरण और ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
दुर्घटनाओं के कारणों पर गहन विश्लेषण
बैठक के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, पिछले वर्षों के आंकड़ों तथा भविष्य की कार्ययोजना को विस्तार से प्रस्तुत किया। इस दौरान दुर्घटनाओं के मानवीय, संरचनात्मक एवं तंत्रगत कारणों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
ई-रिक्शा पंजीकरण और ट्रैफिक प्रबंधन
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बताया कि विशेष अभियान चलाकर जिले के सभी ई-रिक्शा का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्हें अलग-अलग जोनों में बांटकर रंग कोड प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे यातायात प्रबंधन में सुधार होगा।
इसके साथ ही ई-रिक्शा चालकों के प्रशिक्षण के लिए भी व्यापक योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही जिले को टोइंग वैन उपलब्ध कराने की भी जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि मधुबनी रिंग रोड और बस स्टैंड निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिसके पूरा होने पर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सुधार के निर्देश
सांसद श्री रामप्रीत मंडल ने निर्देश दिया कि दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर वहां प्राथमिकता के आधार पर साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। उन्होंने हर दुर्घटना के कारणों की वैज्ञानिक समीक्षा कर स्थायी समाधान निकालने पर जोर दिया।
हिट एंड रन मामलों में पारदर्शी मुआवजा
बैठक में हिट एंड रन मामलों की समीक्षा करते हुए पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए थाना और अस्पताल स्तर पर समन्वय मजबूत करने को कहा गया।
ओवरस्पीडिंग और निगरानी पर सख्ती
शहर एवं प्रमुख सड़कों पर ओवरस्पीडिंग की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए गति सीमा संकेतक, चेतावनी बोर्ड, नियमित ट्रैफिक गश्ती और सीसीटीवी निगरानी को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया।
जागरूकता अभियान और ट्रैफिक पार्क
बच्चों और युवाओं में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, पंचायत भवनों और हाट-बाजारों में पोस्टर अभियान, नुक्कड़ नाटक और वीडियो स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
साथ ही प्रत्येक प्रखंड या पंचायत स्तर पर मिनी ट्रैफिक पार्क स्थापित कर बच्चों को व्यवहारिक प्रशिक्षण देने की योजना पर भी जोर दिया गया।
‘गोल्डन ऑवर’ सेवाओं को मजबूत करने पर जोर
सांसद ने सड़क दुर्घटना के बाद के ‘गोल्डन ऑवर’ की अहमियत पर बल देते हुए 108 एम्बुलेंस सेवा, ट्रॉमा सेंटर और जिला अस्पताल की आपात चिकित्सा सेवाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
नाबालिग ड्राइविंग पर कड़ी कार्रवाई
नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
नियमित समीक्षा का आश्वासन
बैठक के अंत में सांसद श्री रामप्रीत मंडल ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी निर्णयों की नियमित समीक्षा की जाएगी और जमीनी स्तर पर उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाएगा।
उपस्थित जनप्रतिनिधि व अधिकारी:
बैठक में सांसद श्री अशोक कुमार यादव, विधान परिषद सदस्य श्री घनश्याम ठाकुर, विधायक श्रीमती मीना कामत, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती बिंदु गुलाब यादव, उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह, जिला परिवहन पदाधिकारी राम बाबू, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सख्ती और जनभागीदारी दोनों पर समान रूप से जोर दिया गया। यदि निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले समय में मधुबनी जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी और यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
Reviewed by PSA Live News
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10:00:00 pm
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