रांची, प्रतिनिधि: झारखंड में ट्रेजरी से वेतन के नाम पर हुई अवैध निकासी के मामले में अब जांच तेज होने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पूरे प्रकरण की CID जांच को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य में बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले की गहराई से पड़ताल का रास्ता साफ हो गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश मिलने के बाद CID मुख्यालय ने विशेष जांच दल (SIT) के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गृह विभाग की ओर से इसकी अधिसूचना शीघ्र जारी की जा सकती है। SIT का नेतृत्व CID के किसी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपे जाने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि यह जांच केवल वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे मामले में आपराधिक षड्यंत्र के पहलुओं की भी गहन जांच की जाएगी। जांच टीम संबंधित जिलों में जाकर दस्तावेजों की समीक्षा, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ तथा वित्तीय लेन-देन की जांच करेगी।
इधर, इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर हुई लापरवाही और चूक की भी अलग से जांच कराई जाएगी। इसके लिए एक वरीय आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में जांच समिति गठित किए जाने की तैयारी है। इस संबंध में मुख्य सचिव स्तर से आदेश जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री से CID जांच की अनुशंसा की थी।
प्रारंभिक जांच में बोकारो और हजारीबाग जिलों में ट्रेजरी से वेतन के नाम पर अवैध निकासी के मामलों की पुष्टि हुई है। जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त कर्मियों के नाम पर फर्जी तरीके से वेतन निकाला गया।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि यह गड़बड़ी केवल इन दो जिलों तक सीमित नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि यह एक संगठित नेटवर्क के तहत कई जिलों में संचालित हो रहा था। ऐसे में CID जांच के दायरे में राज्य के सभी जिलों को शामिल किया जा सकता है।
गौरतलब है कि अब तक कई जिलों से इस तरह की शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में व्यापक जांच शुरू नहीं हो पाई थी। अब SIT के गठन के बाद पुराने रिकॉर्ड खंगालकर संदिग्ध मामलों की पुनः जांच की जाएगी।
फिलहाल, पूरे मामले में CID जांच की शुरुआत और SIT के गठन पर सभी की नजरें टिकी हैं, जिससे इस बड़े घोटाले में शामिल लोगों का खुलासा होने की उम्मीद है।
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