श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर का 19वां वार्षिकोत्सव 26 से 28 जून तक, भव्य कल्याणोत्सव एवं शोभायात्रा होगी आकर्षण का केंद्र
रांची। रांची नगर स्थित एकमात्र दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर के 19वें वार्षिकोत्सव सह कल्याणोत्सव की तैयारियों को लेकर रविवार को मंदिर संचालक समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंदिर के कार्यकारी अध्यक्ष श्री राम अवतार नारसरिया ने की। बैठक में आगामी महोत्सव की रूपरेखा, धार्मिक अनुष्ठानों, शोभायात्रा तथा कल्याणोत्सव के सफल आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए श्री राम अवतार नारसरिया ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी मंदिर का वार्षिकोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह त्रिदिवसीय धार्मिक महोत्सव 26 जून से 28 जून 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें रांची सहित झारखंड के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि महोत्सव के प्रथम दिन 26 जून (शुक्रवार) को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशस्थापनम् एवं यजमान संकल्पम् का आयोजन किया जाएगा। इस अनुष्ठान के साथ तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ होगा। मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, वैदिक अनुष्ठान तथा भक्तों के लिए दर्शन-पूजन की व्यवस्था की जाएगी।
महोत्सव के दूसरे दिन 27 जून (शनिवार) को महासुदर्शन होमम्, वैदिक गोष्ठी एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। इसी दिन शाम को भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगी। शोभायात्रा में भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी, भगवती श्रीदेवी एवं श्रीभूमि देवी की सुसज्जित प्रतिमाओं को पालकी में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाएगा। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार एवं जयघोष के साथ भगवान की आराधना करेंगे। आयोजकों का मानना है कि यह शोभायात्रा नगरवासियों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम सिद्ध होगी।
महोत्सव के अंतिम एवं तीसरे दिन 28 जून (रविवार) को मंदिर का सबसे महत्वपूर्ण और विशेष कार्यक्रम कल्याणोत्सव संपन्न होगा। इस अवसर पर भगवान श्रीनिवास (वेंकटेश्वर स्वामी) और माता पद्मावती देवी के दिव्य विवाह का भव्य आयोजन वैदिक परंपराओं के अनुसार किया जाएगा। दक्षिण भारतीय वैष्णव परंपरा में कल्याणोत्सव का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिव्य विवाह समारोह में भाग लेने और दर्शन करने से श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, समृद्धि एवं मंगल की प्राप्ति होती है।
बैठक में महोत्सव के मुख्य यजमानों की भी घोषणा की गई। भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की ओर से वर पक्ष के मुख्य यजमान के रूप में श्री राम अवतार नारसरिया एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शारदा नारसरिया दायित्व निभाएंगे। वहीं श्रीदेवी जी की ओर से श्री रमेश धरनीधरका एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शशि धरनीधरका तथा श्रीभूमि देवी जी की ओर से श्री शशांक धरनीधरका एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सौम्या धरनीधरका वधू पक्ष के मुख्य यजमान होंगे।
बैठक में आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन करने, श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रसाद वितरण, सजावट, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस पावन आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने और भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी का आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया।
बैठक में प्रमुख रूप से श्री राम अवतार नारसरिया, अनूप अग्रवाल, राजू चौधरी, प्रदीप नारसरिया, विनय धरनीधरका, संतोष कुमार मोदी, कन्हैया लोहिया, उदय राठौर, राजेश सुल्तानिया, मुरारीलाल मंगल, आनंद प्रकाश अग्रवाल, बीनू ठक्कर, सुशील लोहिया, सुशील गाड़ोदिया सहित मंदिर संचालक समिति के अनेक सदस्य उपस्थित थे।
मंदिर परिसर में आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय महोत्सव रांची के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जाता है, जिसका श्रद्धालु पूरे वर्ष इंतजार करते हैं।
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7:41:00 pm
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