ब्लॉग खोजें

5 माह से वेतन नहीं, भुखमरी की कगार पर झारखंड के हजारों आउटसोर्स कर्मी

JAP-IT और आउटसोर्स एजेंसियों के बीच अनुबंध खत्म होने के बाद गहराया संकट, सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

रांची, 23 मई 2026। झारखंड में डिजिटल प्रशासन और ई-गवर्नेंस की रीढ़ माने जाने वाले हजारों आउटसोर्स कर्मियों के सामने आज गंभीर आर्थिक और मानवीय संकट खड़ा हो गया है। राज्य के विभिन्न विभागों, परियोजनाओं और कार्यालयों में कार्यरत लगभग 3 से 4 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन पिछले 4 से 5 महीनों से लंबित है, जिसके कारण उनके परिवार भुखमरी, मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी की मार झेलने को मजबूर हैं।

जानकारी के अनुसार, JAP-IT रांची एवं विभिन्न आउटसोर्स एजेंसियों के बीच हुआ सेवा अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुका है। लेकिन अब तक न तो सेवा अवधि का विस्तार किया गया है और न ही नई निविदा प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया है। इस प्रशासनिक देरी और लापरवाही का सीधा असर उन कर्मियों पर पड़ा है, जो वर्षों से सरकारी कार्यालयों में डेटा प्रबंधन, तकनीकी संचालन, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल योजनाओं को सफलतापूर्वक संचालित कर रहे हैं।

जनवरी 2026 से लंबित है वेतन

आउटसोर्स कर्मियों का कहना है कि जनवरी 2026 से अब तक उन्हें वेतन नहीं मिला है। लगातार कई महीनों से बिना वेतन काम करने को विवश कर्मचारियों के सामने अब परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। कई कर्मियों के घरों में राशन खत्म होने की स्थिति है, बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं हो पा रही है, इलाज रुक गया है और किराया तथा बैंक ऋण की किस्तें चुकाना भी चुनौती बन गया है।

कर्मियों का कहना है कि आर्थिक संकट के बावजूद वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ सरकारी कार्यों का संचालन कर रहे हैं, ताकि आम जनता को डिजिटल सेवाओं में किसी प्रकार की परेशानी न हो। लेकिन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

हाईकोर्ट के निर्देश पर बना था “Jharkhand Manpower Procurement Manual 2025”

गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति एवं सेवा व्यवस्था को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से “Jharkhand Manpower Procurement (Outsourcing) Manual 2025” तैयार किया था। मुख्य सचिव की अगुवाई में तैयार इस मैनुअल को वित्त विभाग, झारखंड सरकार द्वारा पत्रांक 1278 दिनांक 03 जून 2025 के माध्यम से अधिसूचित भी किया गया था।

इस मैनुअल का उद्देश्य आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति, भुगतान और सेवा शर्तों को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाना था, ताकि भविष्य में कर्मचारियों को वेतन बाधा और असुरक्षा जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। लेकिन विडंबना यह है कि संकल्प जारी होने के लगभग एक वर्ष बाद भी नई निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

डिजिटल झारखंड की व्यवस्था संभालने वाले कर्मी खुद संकट में

राज्य सरकार लगातार डिजिटल झारखंड, ऑनलाइन सेवाओं और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने की बात करती रही है। सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, डेटा एंट्री, पोर्टल संचालन, तकनीकी सहायता और डिजिटल सेवाओं का बड़ा हिस्सा इन्हीं आउटसोर्स कर्मियों के माध्यम से संचालित होता है। ऐसे में इन कर्मचारियों की अनदेखी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

कर्मियों का कहना है कि जिन लोगों के भरोसे सरकारी डिजिटल व्यवस्था चल रही है, उन्हीं कर्मचारियों के घरों में आज चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर समय पर निर्णय नहीं लिए जाने के कारण हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं।

सरकार और JAP-IT प्रबंधन से उठी ये प्रमुख मांगें

आउटसोर्स कर्मियों ने राज्य सरकार, संबंधित विभागों और JAP-IT प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि—

  • लंबित सेवा अनुबंध का अविलंब समाधान किया जाए।
  • “Jharkhand Manpower Procurement (Outsourcing) Manual 2025” के तहत नई निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।
  • जनवरी 2026 से लंबित सभी वेतन का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
  • भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थायी एवं सुरक्षित व्यवस्था बनाई जाए।

“चूल्हा ठंडा हो तो सेवा की उम्मीद कैसे?”

आउटसोर्स कर्मियों का कहना है कि वे किसी विशेष सुविधा या अतिरिक्त लाभ की मांग नहीं कर रहे, बल्कि केवल अपने परिश्रम का समय पर मिलने वाला वेतन चाहते हैं। कर्मचारियों ने भावुक शब्दों में कहा—

“जिस कर्मचारी के घर का चूल्हा ठंडा हो, उससे निरंतर सेवा की अपेक्षा करना मानवीय संवेदनाओं के विपरीत है।”

यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में यह मामला बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। हजारों कर्मियों और उनके परिवारों की निगाहें अब राज्य सरकार और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

5 माह से वेतन नहीं, भुखमरी की कगार पर झारखंड के हजारों आउटसोर्स कर्मी 5 माह से वेतन नहीं, भुखमरी की कगार पर झारखंड के हजारों आउटसोर्स कर्मी Reviewed by PSA Live News on 4:16:00 pm Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.