पटना, 22 अप्रैल 2026:
बिहार सरकार के उपक्रम Bihar State Mining Corporation Ltd. (बीएसएमसीएल) ने राज्य में ऊर्जा आपूर्ति को सुदृढ़ करने और आम उपभोक्ताओं तक कुकिंग कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। निगम द्वारा जारी आम सूचना के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य अधिनियम के तहत लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से कुकिंग कोयला उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर थोक विक्रेताओं (Wholesalers) के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ऊर्जा संकट के बीच वैकल्पिक व्यवस्था
वैश्विक ऊर्जा संकट और बढ़ती मांग को देखते हुए बिहार सरकार ने यह कदम उठाया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश पर बीएसएमसीएल को “कैनालाइजिंग एजेंट” के रूप में नियुक्त किया गया है, जो राज्यभर में कोयले की आपूर्ति का प्रबंधन करेगा। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए राहतकारी मानी जा रही है जहां गैस या अन्य ईंधन स्रोतों की उपलब्धता सीमित है।
जिला स्तर पर होगा चयन, 10,000 MT तक आवंटन
निगम के अनुसार प्रत्येक जिले में एक या उससे अधिक थोक विक्रेताओं का चयन किया जाएगा। चयनित विक्रेताओं को अधिकतम 10,000 मीट्रिक टन कोयले का वार्षिक आवंटन किया जा सकता है। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएगी ताकि छोटे एवं मध्यम उद्योगों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को भी लाभ मिल सके।
आवेदन के लिए जरूरी शर्तें
थोक विक्रेता बनने के इच्छुक आवेदकों के लिए कुछ अनिवार्य योग्यताएं निर्धारित की गई हैं:
वैध PAN और GST नंबर
वित्तीय वर्ष 2024-25 का आयकर रिटर्न
न्यूनतम 20 लाख रुपये का टर्नओवर
बैंकर्स सर्टिफिकेट
निर्धारित प्रपत्र में आवेदन
आवेदन से संबंधित सभी दस्तावेज बीएसएमसीएल की आधिकारिक वेबसाइट या कोल जंक्शन पोर्टल से प्राप्त किए जा सकते हैं।
आवेदन की अंतिम तिथि
इच्छुक आवेदकों को 6 मई 2026, दोपहर 3 बजे तक पटना स्थित विकास भवन (न्यू सेक्रेटेरिएट) कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा। निर्धारित समय के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
सुरक्षा जमा और अनुबंध प्रक्रिया
दस्तावेजों की जांच के बाद योग्य पाए गए आवेदकों को 2 लाख रुपये की सुरक्षा जमा राशि के साथ निगम के साथ अनुबंध करना होगा। इसके बाद ही उन्हें कोयले के वितरण की अनुमति मिलेगी।
निगम ने दी स्पष्ट चेतावनी
बीएसएमसीएल ने साफ किया है कि केवल आवेदन करने से कोयला आवंटन की गारंटी नहीं होगी। सभी आवेदनों की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। साथ ही सक्षम प्राधिकरण को किसी भी समय इस सूचना को रद्द करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।
आम जनता और उद्योगों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से बिहार में ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा मिलेगा और खासकर छोटे उद्योगों, ईंट-भट्ठों, ढाबों और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को सस्ता एवं सुलभ ईंधन उपलब्ध हो सकेगा।
बिहार सरकार की यह पहल राज्य में ऊर्जा वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह न केवल आम जनता को राहत देगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करेगी।
Reviewed by PSA Live News
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11:55:00 am
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