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स्नान-दान अमावस्या और वट सावित्री व्रत पर तिरुपति बालाजी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

931वें शनिवारीय भंडारे में 1500 श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया पायसान्न महाप्रसाद, वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान हुआ मंदिर परिसर


रांची :
ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या, स्नान-दान पर्व तथा पुण्यतमा वट सावित्री व्रत के पावन अवसर पर राँची नगर स्थित एकमात्र दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का केंद्र बना रहा। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। विशेष रूप से सौभाग्यवती महिलाओं ने अखंड सौभाग्य, परिवार की सुख-समृद्धि और दीर्घ दांपत्य जीवन की कामना को लेकर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

इस अवसर पर आयोजित 931वें शनिवारीय भंडारे में लगभग 1500 श्रद्धालुओं के बीच पायसान्न (खीर) महाप्रसाद का वितरण किया गया। मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल वैदिक एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर की आगम शास्त्रोक्त परंपरा के अनुसार सुप्रभातम्, मंगलाशासनम् तथा षोडषोपचार तिरुवाराधना संपन्न की गई। इस दौरान वेद, उपनिषद और विभिन्न सूक्तों के मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीमन्नारायण की विशेष पूजा-अर्चना की गई।

मंदिर में उपस्थित श्रद्धालु उस समय भावविभोर हो उठे जब वैदिक ऋचाओं, घंटा-घड़ियाल और शंखध्वनि के बीच भगवान श्रीश्रीनिवास, श्रीदेवी, भूमिदेवी एवं चक्रराज सुदर्शन की भव्य महाआरती संपन्न हुई। नक्षत्र दीप, कुंभ और कपूर की बातियों से की गई महाआरती ने पूरे मंदिर परिसर को दिव्य और अलौकिक आभा से भर दिया।

पूजन-अर्चन के उपरांत भगवान को पायसान्न (खीर) का विशेष भोग अर्पित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने इसे अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ ग्रहण किया।

मंदिर समिति के अनुसार ज्येष्ठ अमावस्या एवं वट सावित्री व्रत का सनातन परंपरा में विशेष महत्व है। इस दिन स्नान, दान, जप, तप और भगवान विष्णु की उपासना से पुण्य की प्राप्ति होती है। वहीं विवाहित महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर अपने पति की लंबी आयु एवं परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

भंडारा आयोजन के यजमान राँची निवासी श्री सुशील गाड़ोदिया एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सरिता गाड़ोदिया रहे। संपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान अर्चक श्री सत्यनारायण गौतम, श्री गोपेश आचार्य एवं श्री नारायण दास जी द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया।

कार्यक्रम की सफलता में सर्वश्री रामअवतार नरसरिया, अनूप अग्रवाल, प्रदीप नरसरिया, सुनील लोहिया, रंजन सिंह, सीता शर्मा, सुनील यादव, पुष्पा मिश्रा, यशोदा देवी, अंतिमा तिवारी, माया गाड़ोदिया, शंभुनाथ पोद्दार, प्रभाष मित्तल सहित अनेक श्रद्धालुओं एवं सेवाभाव से जुड़े लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर “गोविंदा-गोविंदा” और “श्री वेंकटेशाय नमः” के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं का कहना था कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपराओं के प्रति आस्था और अधिक मजबूत होती है।

स्नान-दान अमावस्या और वट सावित्री व्रत पर तिरुपति बालाजी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब स्नान-दान अमावस्या और वट सावित्री व्रत पर तिरुपति बालाजी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब Reviewed by PSA Live News on 1:16:00 pm Rating: 5

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