सत्तू और जर्दालु आम के उल्लेख से बढ़ेगा बिहार के किसानों और स्थानीय उत्पादों का सम्मान
पटना। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड का प्रसारण रविवार को पूरे देश में उत्साह के साथ सुना गया। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने भी कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक सुना और प्रधानमंत्री द्वारा बिहार की सांस्कृतिक, कृषि एवं खाद्य विरासत के उल्लेख पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका हार्दिक आभार जताया।
मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम केवल एक संवाद मंच नहीं, बल्कि देश की विविधता, सांस्कृतिक समृद्धि, सामाजिक नवाचारों और जनभागीदारी को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक प्रभावशाली माध्यम बन चुका है। इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक कार्यों, स्थानीय परंपराओं, स्वदेशी उत्पादों और समाज के प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को सामने लाते हैं, जिससे करोड़ों लोगों को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बिहार के पारंपरिक और पौष्टिक पेय सत्तू तथा राज्य के प्रसिद्ध जर्दालु आम का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह बिहार की कृषि परंपरा, स्थानीय उत्पादों और यहां के मेहनतकश किसानों के लिए गौरव का विषय है। प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय मंच से बिहार के उत्पादों का उल्लेख किए जाने से राज्य की पहचान और मजबूत होगी तथा इन उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सत्तू केवल एक पेय पदार्थ नहीं बल्कि बिहार की जीवनशैली, स्वास्थ्य परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भीषण गर्मी के मौसम में सत्तू को प्राकृतिक ऊर्जा और पोषण का स्रोत माना जाता है। प्रधानमंत्री द्वारा इसके गुणों का उल्लेख किए जाने से देश के अन्य राज्यों के लोग भी इसके प्रति आकर्षित होंगे और इससे बिहार के किसानों तथा लघु उद्यमियों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार जर्दालु आम बिहार की विशिष्ट कृषि पहचान है, जिसकी मिठास और गुणवत्ता देशभर में प्रसिद्ध है। भागलपुर क्षेत्र में उत्पादित जर्दालु आम को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त है और यह बिहार की कृषि उपलब्धियों का प्रतीक माना जाता है। प्रधानमंत्री द्वारा इसका उल्लेख किए जाने से न केवल इसकी लोकप्रियता बढ़ेगी बल्कि किसानों को बेहतर बाजार और अधिक आय प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे।
श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक विरासत, लोककला, कृषि उत्पादों और परंपराओं के माध्यम से सदियों से देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। राज्य की पहचान केवल इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि आज भी यहां के किसान, युवा, महिलाएं और उद्यमी विकास की नई इबारत लिख रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा बिहार की इन विशेषताओं को राष्ट्रीय मंच पर स्थान देना राज्य के प्रति उनके विशेष स्नेह और सम्मान को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ‘वोकल फॉर लोकल’, आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। बिहार के उत्पादों का उल्लेख इसी सोच का हिस्सा है। इससे राज्य के किसानों, स्वयं सहायता समूहों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और छोटे उद्यमियों को नई ऊर्जा मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के इस उल्लेख के बाद बिहार के पारंपरिक खाद्य उत्पादों, कृषि उपज और सांस्कृतिक विरासत के प्रति देशभर में रुचि और सम्मान बढ़ेगा। इससे राज्य के किसानों और उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा बिहार की सकारात्मक छवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को जोड़ने, प्रेरित करने और स्थानीय उपलब्धियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक सशक्त मंच बन चुका है। बिहार का उल्लेख राज्य के करोड़ों नागरिकों के लिए गर्व का विषय है और यह राज्य के विकास, संस्कृति तथा कृषि परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा।
Reviewed by PSA Live News
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3:07:00 pm
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