एक वर्ष में 1 लाख 72 हजार लोगों को मिला निःशुल्क भोजन, निराश्रितों के लिए बना सहारा
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ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम (सत्य प्रेम सभागार) में वर्तमान समय में लगभग 50 मंदबुद्धि, दिव्यांग एवं बेसहारा लोगों की निःस्वार्थ भाव से सेवा की जा रही है। आश्रम में रहने वाले सभी जरूरतमंदों को प्रतिदिन तीनों समय निःशुल्क भोजन, वस्त्र, स्वास्थ्य देखभाल तथा सम्मानपूर्वक जीवन जीने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। यहां सेवा को केवल सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि ईश्वर भक्ति और मानव कल्याण का सर्वोच्च माध्यम माना जाता है।
आश्रम परिसर में स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है, जिससे यहां रहने वाले लोग स्वयं को परिवार जैसा वातावरण महसूस कर सकें। समाज द्वारा उपेक्षित लोगों के लिए यह आश्रम किसी आशा की किरण से कम नहीं है।
ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि विगत एक वर्ष में आश्रम में लगभग 72 हजार निराश्रितों एवं सेवादारों को भोजन कराया गया। उन्होंने कहा कि यह सेवा अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है और प्रतिदिन मानवता एवं समर्पण का संदेश दे रहा है।
वहीं श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाला अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद भी लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस महाप्रसाद कार्यक्रम में हर सप्ताह लगभग दो हजार श्रद्धालु एवं जरूरतमंद लोग भोजन ग्रहण करते हैं। बीते एक वर्ष में लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने यहां महाप्रसाद प्राप्त किया।
यदि आश्रम एवं मंदिर दोनों स्थानों के सेवा कार्यों को मिलाकर देखा जाए तो पिछले एक वर्ष में करीब 1 लाख 72 हजार लोगों को भोजन कराया गया, जो समाज सेवा और मानव कल्याण की दिशा में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय उदाहरण माना जा रहा है।
इन सेवा कार्यों को सफल बनाने में ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, सचिव मनोज चौधरी, सज्जन पाड़िया, पूरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, निर्मल छावनिका, सुरेश अग्रवाल, संजय सर्राफ, मधुसूदन जाजोदिया, मनीष सोनी, सुनील पोद्दार, नंदकिशोर चौधरी, सुरेश चौधरी, विशाल जालान, पंडित अरविंद पांडे, अरविंद अग्रवाल, सुरेश भगत, ज्ञान प्रकाश शर्मा एवं विष्णु सोनी सहित अन्य सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सभी सदस्य निस्वार्थ भाव से सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं।
समाज में बढ़ती संवेदनहीनता के दौर में यह सेवा अभियान मानवता, करुणा और सामाजिक एकता की मिसाल पेश कर रहा है। भूखों को भोजन, निराश्रितों को आश्रय और जरूरतमंदों को सम्मान देने का यह प्रयास निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता जा रहा है।
Reviewed by PSA Live News
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11:16:00 am
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