खुलेआम शराब और गांजा पुड़िया की बिक्री से इलाके में दहशत, पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
नई दिल्ली (विशेष संवाददाता)। उत्तर पश्चिमी दिल्ली में नशे के खिलाफ बड़े-बड़े दावे करने वाली दिल्ली पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। थाना मुखर्जी नगर क्षेत्र अंतर्गत मछली मार्किट स्थित नन्द लाल झुग्गियों में कथित तौर पर संचालित एक ‘चमत्कारी खिड़की’ इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस खिड़की के जरिए खुलेआम हरियाणा ब्रांड की अवैध शराब और गांजा पुड़िया की बिक्री की जा रही है, जबकि पुलिस तमाशबीन बनी हुई है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार मिश्री लाल प्रोविजनल स्टोर के पास गली में यह अवैध धंधा लंबे समय से संचालित हो रहा है। आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन राकेश उर्फ ‘लम्बू’ नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, जो कथित तौर पर लंबे समय से इलाके में नशे के कारोबार से जुड़ा हुआ है। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल इतने बेखौफ अंदाज में चल रहा है कि बिना स्थानीय पुलिस और बीट स्टाफ की कथित अनदेखी या संरक्षण के इसे संभव नहीं माना जा रहा।
शाम ढलते ही सक्रिय हो जाता है ‘खिड़की सिस्टम’
इलाके के लोगों का कहना है कि जैसे ही शाम होती है, संदिग्ध लोगों की आवाजाही तेज हो जाती है। गली में आने वाले लोगों को कथित तौर पर एक छोटी खिड़की के माध्यम से शराब की बोतलें और गांजा पुड़िया उपलब्ध कराई जाती हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह पूरा ‘खिड़की सिस्टम’ इतनी व्यवस्थित तरीके से संचालित होता है कि पहली नजर में किसी बाहरी व्यक्ति को इसकी भनक तक नहीं लगती, लेकिन क्षेत्र के लोग लंबे समय से इस गतिविधि से परेशान हैं।
रहवासियों का कहना है कि कई बार मौखिक शिकायतें भी की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में यह धारणा मजबूत होती जा रही है कि आखिर इस कथित अवैध कारोबार को किसका संरक्षण प्राप्त है।
युवाओं को निगल रहा नशे का जाल
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इलाके में बढ़ते इस कथित नशे के कारोबार ने युवाओं और किशोरों को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले युवकों तक नशे की पहुंच आसान होती जा रही है। माता-पिता में डर और चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस नेटवर्क पर लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में इलाके का सामाजिक माहौल पूरी तरह बिगड़ सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि नशे के कारोबार के कारण क्षेत्र में चोरी, झगड़ा, असामाजिक गतिविधियां और आपराधिक घटनाएं बढ़ने लगी हैं। शाम के बाद महिलाएं और बुजुर्ग गली से गुजरने में असुरक्षित महसूस करते हैं।
पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब स्थानीय लोगों को इस कथित अवैध कारोबार की पूरी जानकारी है, तो फिर थाना मुखर्जी नगर पुलिस और संबंधित बीट अधिकारी आखिर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर पाए। क्षेत्र में लगातार चल रही गतिविधियों के बावजूद यदि पुलिस अनजान बनी हुई है, तो यह अपने आप में गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
लोगों का कहना है कि यदि दिल्ली पुलिस वास्तव में नशे के खिलाफ अभियान चला रही है, तो ऐसे कथित अड्डों पर तत्काल छापेमारी और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। क्षेत्रवासियों ने उत्तर पश्चिमी जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित संरक्षण देने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
कार्रवाई की प्रतीक्षा में क्षेत्रवासी
अब पूरे इलाके की नजर उत्तर पश्चिमी जिला पुलिस प्रशासन पर टिकी हुई है। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कोई बड़ी कार्रवाई करेंगे या फिर यह ‘चमत्कारी खिड़की’ यूं ही इलाके में नशे का अड्डा बनी रहेगी।
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस कथित अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगी, तो वे सामूहिक रूप से उच्च अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक शिकायत पहुंचाएंगे। फिलहाल इलाके में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
Reviewed by PSA Live News
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10:24:00 am
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