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स्वास्थ्य विभाग में बड़े घोटाले की आशंका: स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग, मंत्री की बर्खास्तगी पर जोर


रांची | विशेष संवाददाता

झारखंड की राजधानी रांची में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कथित घोटाले को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए हटिया विधायक एवं विधानसभा में मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने स्वास्थ्य विभाग में सामने आ रही अनियमितताओं को “गंभीर और चिंताजनक” बताया।

 “दूध की रखवाली बिल्ली को?” — जांच पर उठाए सवाल

जायसवाल ने कहा कि मुख्य सचिव द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सचिव को जांच के निर्देश दिए जाना यह दर्शाता है कि मामला बेहद गंभीर है। हालांकि, उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस विभाग पर आरोप हैं, उसी को जांच की जिम्मेदारी देना “दूध की रखवाली बिल्ली को सौंपने” जैसा है।

 टेंडर में गड़बड़ी और कीमतों में भारी अंतर का आरोप

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप हैं। उनके अनुसार:

  • टेंडर प्रक्रिया में पक्षपात कर “चहेते लोगों” को लाभ पहुंचाया गया
  • एक रुपये की वस्तु को 3 से 5 गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया
  • एक ही परिवार के नाम पर कई कंपनियां बनाकर टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया गया

इन आरोपों से पूरी खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 “ट्रेजरी लूट” और बड़े घोटाले का दावा

जायसवाल ने दावा किया कि राज्य में “ट्रेजरी लूट” का मामला भी सामने आया है, जिसमें विभिन्न जिलों में करोड़ों रुपये की धांधली उजागर हुई है। उन्होंने इसे चारा घोटाला से भी बड़ा घोटाला करार दिया।

 पहले से जारी हैं कई ‘लूट’ के मामले

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पहले से ही बालू, कोयला, जमीन और लोहा से जुड़े घोटाले सामने आते रहे हैं, और अब स्वास्थ्य विभाग के जरिए सरकारी खजाने की लूट का नया मामला जुड़ गया है।

 भाजपा की मांगें

भाजपा ने राज्य सरकार से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  • पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से जांच
  • संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज
  • स्वास्थ्य मंत्री की तत्काल बर्खास्तगी

जायसवाल ने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई संभव होगी।

 प्रेस वार्ता में ये रहे मौजूद

इस अवसर पर प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक और प्रदेश प्रवक्ता अविनेश सिंह भी उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य विभाग में कथित घोटाले के आरोपों ने झारखंड की राजनीति को गरमा दिया है। अब निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम और संभावित जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।

स्वास्थ्य विभाग में बड़े घोटाले की आशंका: स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग, मंत्री की बर्खास्तगी पर जोर स्वास्थ्य विभाग में बड़े घोटाले की आशंका: स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग, मंत्री की बर्खास्तगी पर जोर Reviewed by PSA Live News on 9:19:00 pm Rating: 5

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