ब्लॉग खोजें

मधुबनी में महावारी स्वच्छता दिवस पर जागरूकता की अनूठी पहल: किशोरियों ने रेड डॉट चैलेंज के साथ तोड़ी चुप्पी, मिथकों को दूर करने का लिया संकल्प

मधुबनी, 27 मई 2026: समाज में आज भी माहवारी (पीरियड्स) को लेकर झिझक, संकोच और कई तरह की भ्रांतियां मौजूद हैं। इन्हीं सामाजिक मिथकों को तोड़ने और किशोरियों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से महावारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय सलहा में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए यह संदेश दिया कि माहवारी कोई शर्म या संकोच का विषय नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिस पर खुलकर बात की जानी चाहिए।

कार्यक्रम का आयोजन किशोरी मंच की नोडल शिक्षिका चंदा कुमारी के नेतृत्व में किया गया, जिसमें पेंटिंग प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, रेड डॉट चैलेंज सहित कई रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं ने न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया बल्कि महावारी से जुड़े सामाजिक विषयों पर अपनी सोच और भावनाओं को भी अभिव्यक्त किया।

पेंटिंग और संवाद के माध्यम से छात्राओं ने रखी अपनी बात

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने माहवारी और स्वच्छता से जुड़ी कई आकर्षक पेंटिंग बनाई। इन चित्रों के माध्यम से उन्होंने समाज में मौजूद मिथकों, महिलाओं के स्वास्थ्य और जागरूकता की आवश्यकता को दर्शाया। छात्राओं ने अपनी पेंटिंग के पीछे छिपे संदेशों को अपनी सहेलियों और शिक्षकों के सामने प्रस्तुत किया।

विद्यालय परिसर में आयोजित संवाद और चर्चा सत्रों में छात्राओं ने खुलकर अपने विचार साझा किए। इससे माहवारी जैसे विषय पर बनी झिझक को कम करने का प्रयास किया गया।

प्रधानाध्यापिका ने कहा— खुलकर करें बातचीत, सहजता से जिएं जीवन

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डॉ. मीनाक्षी कुमारी ने इस अवसर पर कहा कि किशोरियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे माहवारी से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा करें।

उन्होंने बताया कि विद्यालय में समय-समय पर छात्राओं को महावारी से जुड़े जागरूकता वीडियो भी दिखाए जाते हैं, ताकि बच्चियां इस प्राकृतिक प्रक्रिया को सहज रूप से समझ सकें और पीरियड्स के दौरान बिना किसी डर या झिझक के अपना सामान्य जीवन जी सकें।

उन्होंने छात्राओं को यह भी सलाह दी कि किसी भी समस्या या संकोच की स्थिति में वे खुलकर अपने शिक्षकों, अभिभावकों या मित्रों से बात करें।

छात्राओं को बांटे गए सेनेटरी पैड, स्वास्थ्य आदतों पर दिया गया विशेष जोर

कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापिका डॉ. मीनाक्षी कुमारी द्वारा छात्राओं के बीच सेनेटरी पैड का वितरण भी किया गया। साथ ही उन्हें स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित तरीके से सेनेटरी पैड के उपयोग और बेहतर स्वास्थ्य आदतों के बारे में जानकारी दी गई।

छात्राओं को यह भी बताया गया कि माहवारी के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है और इसमें लापरवाही कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।

रेड डॉट चैलेंज बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और संदेशपूर्ण हिस्सा रहा रेड डॉट चैलेंज, जिसमें सभी छात्राओं ने अपने हाथों पर लाल बिंदु बनाकर पीरियड्स को स्वीकार करने और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने की शपथ ली।

इस पहल के माध्यम से छात्राओं ने यह संदेश दिया कि माहवारी को लेकर चुप्पी नहीं, बल्कि जागरूकता और खुलापन जरूरी है।

स्वस्थ और सशक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

किशोरी मंच एवं विद्यालय परिवार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय की यह पहल किशोरियों को केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया—

"जागरूक किशोरी ही स्वस्थ और सशक्त समाज की आधारशिला है।"

महावारी स्वच्छता दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव और जागरूकता की दिशा में एक प्रेरणादायी प्रयास बनकर सामने आया।

मधुबनी में महावारी स्वच्छता दिवस पर जागरूकता की अनूठी पहल: किशोरियों ने रेड डॉट चैलेंज के साथ तोड़ी चुप्पी, मिथकों को दूर करने का लिया संकल्प मधुबनी में महावारी स्वच्छता दिवस पर जागरूकता की अनूठी पहल: किशोरियों ने रेड डॉट चैलेंज के साथ तोड़ी चुप्पी, मिथकों को दूर करने का लिया संकल्प Reviewed by PSA Live News on 10:13:00 pm Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.