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रांची में पेयजल और बिजली व्यवस्था पर उपायुक्त सख्त, खराब नलकूपों-जलमीनारों की ट्रैकिंग होगी, स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश


रांची, 3 जून।
गर्मी के मौसम में आम लोगों को निर्बाध पेयजल और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने को लेकर रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा विद्युत विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पूर्वी एवं पश्चिमी प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, जेबीवीएनएल के कार्यपालक अभियंता, सहायक एवं कनीय अभियंताओं सहित विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिले में पेयजल एवं बिजली सेवाओं से जुड़े सभी कार्यों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में नागरिकों को पानी और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी क्षेत्र में पेयजल या विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका त्वरित समाधान किया जाना चाहिए।

खराब नलकूपों और जलमीनारों की नियमित निगरानी के निर्देश

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में खराब पड़े नलकूपों और जलमीनारों की स्थिति तथा उनकी मरम्मत कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरम्मत से संबंधित सभी शिकायतों की नियमित ट्रैकिंग के लिए एक प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि शिकायतों का शीघ्र समाधान हो सके।

उन्होंने विशेष रूप से "अबुआ साथी" पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को पेयजल संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देशों के आलोक में सभी सरकारी कार्यालयों, बस स्टैंड, अस्पताल, प्रखंड कार्यालय, सामुदायिक भवनों तथा अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि नागरिकों को गर्मी के मौसम में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस दिशा में सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा।

जल जीवन मिशन की योजनाओं में तेजी लाने पर जोर

बैठक के दौरान जल जीवन मिशन के तहत संचालित सिंगल विलेज स्कीम (SVS) एवं मल्टी विलेज स्कीम (MVS) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों को पूरा करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना के क्रियान्वयन में भूमि, तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य किसी प्रकार की बाधा आ रही हो तो उसकी जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते समाधान कर योजनाओं को प्रभावित होने से बचाया जा सके।

निर्बाध बिजली आपूर्ति और उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित समाधान पर बल

जिले की विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जेबीवीएनएल अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिजली कटौती, लो-वोल्टेज अथवा अन्य तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाना चाहिए ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

उपायुक्त ने बिजली बिल से संबंधित शिकायतों के निष्पक्ष एवं समयबद्ध निपटारे पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं के साथ विभागीय कर्मियों का व्यवहार संवेदनशील, जिम्मेदार और शिष्टतापूर्ण होना चाहिए तथा शिकायतों का समाधान जनहित को प्राथमिकता देते हुए किया जाए।

स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी-बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

बैठक में उपायुक्त ने विशेष रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में पेयजल और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र विकास के लिए इन संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं का उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना की भी हुई समीक्षा

बैठक में मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना (MUJY) के तहत जिले में विद्युत आपूर्ति तंत्र को मजबूत बनाने के लिए संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्ता नियंत्रण और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्युत अवसंरचना को मजबूत बनाकर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

जनसुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश

बैठक के अंत में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़ी मूलभूत सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़ी हुई है, इसलिए सभी अधिकारी समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।

रांची में पेयजल और बिजली व्यवस्था पर उपायुक्त सख्त, खराब नलकूपों-जलमीनारों की ट्रैकिंग होगी, स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश रांची में पेयजल और बिजली व्यवस्था पर उपायुक्त सख्त, खराब नलकूपों-जलमीनारों की ट्रैकिंग होगी, स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश Reviewed by PSA Live News on 11:10:00 pm Rating: 5

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