रिटायर्ड जज से जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई की उठी मांग, रामगढ़ में दिखा व्यापक आक्रोश
रामगढ़। बिहार के भोजपुर निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित फर्जी एनकाउंटर में हुई मौत के विरोध में विश्व ब्राह्मण संघ के बैनर तले सोमवार शाम रामगढ़ में विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। फुटबॉल ग्राउंड से प्रारंभ होकर सुभाष चौक तक पहुंचे इस मार्च में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
कैंडल मार्च के दौरान उपस्थित लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके समर्थन में न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर संदिग्ध परिस्थितियों में किया गया है और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाए तो घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
विश्व ब्राह्मण संघ के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता। यदि किसी व्यक्ति पर आरोप हैं तो उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश (रिटायर्ड जज) की निगरानी में कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का प्रश्नचिह्न न लगे।
प्रदेश संरक्षक राजू रंजन तिवारी ने कहा कि भरत भूषण तिवारी की मौत को लेकर समाज में गंभीर चिंता और आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसे तत्काल सेवा से बर्खास्त कर कानून के अनुसार कठोर दंड दिया जाना चाहिए।
पूर्व प्रदेश सचिव प्रदीप मिश्रा ने कहा कि न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि ऐसे मामलों में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच हो। वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है और इस मामले में भी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
कैंडल मार्च में शामिल वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं बल्कि न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो समाज व्यापक जनआंदोलन करने को बाध्य होगा।
कार्यक्रम में ब्रह्म ऋषि समाज के जिलाध्यक्ष रविंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष गोकुल शर्मा, राधेश्याम मिश्रा, नीरज शर्मा, नंदू शर्मा, रमन शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। इसके अलावा हिंदू रक्षा दल के दीपक मिश्रा, ओम प्रकाश कुशवाहा, अयोध्या वर्मा, घनश्याम पांडे, शंकर यादव, रोहित कुमार, सुमित कुमार तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कैंडल मार्च में भाग लेकर अपना समर्थन व्यक्त किया।
सुभाष चौक पहुंचकर मार्च एक सभा में परिवर्तित हो गया, जहां वक्ताओं ने भरत भूषण तिवारी प्रकरण की निष्पक्ष जांच, दोषियों की पहचान और उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि न्याय मिलने तक उनकी आवाज बुलंद रहेगी और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
कैंडल मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन पूरे कार्यक्रम के दौरान लोगों में घटना को लेकर गहरी भावनाएं और न्याय की अपेक्षा स्पष्ट रूप से दिखाई दी। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और न्यायिक संस्थाओं से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और जनता का कानून व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
Reviewed by PSA Live News
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5:38:00 pm
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