रांची। झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो, यह सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निर्वाचन सदन, रांची से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, उप निर्वाचन पदाधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों को पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पुनरीक्षण कार्य के प्रत्येक चरण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। किसी भी स्तर पर आदेश पारित करने, मतदाताओं को जागरूक करने अथवा सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में आयोग के निर्देशों से विचलन नहीं होना चाहिए।
20 जून से प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग कार्य शुरू
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 20 जून से राज्यभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित प्रिंटिंग और प्रशिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समय-सारणी के अनुसार बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर तथा अन्य संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण समय पर पूरा कराया जाए ताकि जमीनी स्तर पर कार्य करते समय किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि 30 जून से बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर इन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण करेंगे। इससे पहले सभी बीएलओ को फॉर्म भरने की प्रक्रिया, पूर्व मतदाता सूची से मैपिंग तथा आयोग के दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही बीएलओ को यह भी बताया जाए कि वे मतदाताओं के बीच फैली किसी भी भ्रामक या गलत जानकारी का तथ्यात्मक जवाब देकर भ्रम दूर करें।
मैपिंग के लिए दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं
श्री रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं का नाम पूर्व विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की मतदाता सूची में दर्ज है, उन्हें मैपिंग अथवा इन्यूमरेशन फॉर्म भरने के लिए किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को दिए जाने वाले आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म में पूर्व एसआईआर संबंधी विवरण भरने के लिए अलग कॉलम उपलब्ध रहेगा। इन विवरणों को भरने से उनकी मैपिंग स्वतः हो जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी मतदाता का नाम पूर्व एसआईआर सूची में दर्ज है तो वही विवरण उनके पुत्र-पुत्रियों के लिए अभिभावक प्रमाण के रूप में भी मान्य होगा और अलग दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
गलत जानकारी देने वालों पर रहेगी नजर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि मैपिंग के दौरान किसी भी प्रकार की गलत अथवा भ्रामक जानकारी दर्ज न की जाए। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर मैपिंग कराने का प्रयास करता है तो उसे ‘एनोमली’ श्रेणी में चिह्नित किया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाता को नोटिस जारी किया जाएगा तथा निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) के समक्ष सुनवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सावधानी बरतना आवश्यक है। पुनरीक्षण प्रक्रिया लोकतंत्र की आधारशिला है और इसकी सफलता सभी अधिकारियों की प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है।
अधिकारियों की शंकाओं का किया समाधान
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों और शंकाओं का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने विस्तार से समाधान किया तथा पुनरीक्षण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अपर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
- 30 जून से बीएलओ घर-घर जाकर इन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे।
- पूर्व एसआईआर सूची में नाम दर्ज होने पर अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं।
- पात्र मतदाता का नाम नहीं कटेगा और अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल नहीं होगा।
- गलत जानकारी देने वालों को एनोमली श्रेणी में चिह्नित कर सुनवाई की जाएगी।
- सभी अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने का निर्देश।
Reviewed by PSA Live News
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8:36:00 pm
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