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रांची में महिला स्वावलंबन और ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगी नई उड़ान, उपायुक्त ने स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की ji

 मंईयां सम्मान से स्वावलंबन’ अभियान के तहत महिला समूहों द्वारा हर माह लाखों अंडों का उत्पादन, दीदी आजीविका कैफे स्थापना की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश


रांची। 
रांची से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट किया कि जिले में स्वरोजगार, लघु एवं कुटीर उद्योग तथा महिला सशक्तिकरण योजनाओं को नई गति देने के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में पलाश (जेएसएलपीएस), मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड, जिला उद्योग केंद्र तथा श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में आजीविका संवर्धन, कौशल विकास, महिला स्वावलंबन और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर

बैठक के दौरान उपायुक्त ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत संचालित गतिविधियों की प्रगति का अवलोकन करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ा जाए।

जेएसएलपीएस (पलाश) के अधिकारियों ने स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों, ऋण वितरण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, उत्पाद निर्माण एवं विपणन की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उपायुक्त ने समूहों की बढ़ती भागीदारी पर संतोष व्यक्त करते हुए लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन तथा अधिकाधिक महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने का निर्देश दिया।

‘मंईयां सम्मान से स्वावलंबन’ अभियान बना मिसाल

बैठक में “मंईयां सम्मान से स्वावलंबन की ओर” अभियान की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इस अभियान के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बड़े पैमाने पर मुर्गी पालन किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान प्रतिदिन एवं प्रतिमाह अंडा उत्पादन के आंकड़ों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि रांची जिले में महिला समूहों द्वारा हर माह लाखों अंडों का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उपायुक्त ने अंडा उत्पादन गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने तथा अधिकाधिक लाभुकों को इस योजना से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे आजीविका मॉडल को और व्यापक बनाया जाए।

फूलो-झानो आशीर्वाद योजना की समीक्षा

बैठक में फूलो-झानो आशीर्वाद योजना के लाभुकों की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना से बाहर हुए लाभार्थियों का पूरा विवरण उपलब्ध कराया जाए तथा उन्हें पुनः योजना से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की प्रभावी मैपिंग पर भी विशेष बल दिया।

लघु एवं कुटीर उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री उद्यम योजना, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) तथा विभिन्न कुटीर उद्योग इकाइयों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई। उपायुक्त ने कहा कि रांची जिले में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्योग स्थापना में आने वाली समस्याओं जैसे भूमि उपलब्धता, विद्युत आपूर्ति, ऋण स्वीकृति तथा अन्य प्रशासनिक बाधाओं की पहचान कर उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

उद्योग केंद्र और एमएसएमई गतिविधियों की समीक्षा

जिला उद्योग केंद्र द्वारा एमएसएमई पंजीकरण, उद्यम रजिस्ट्रेशन, सब्सिडी वितरण तथा औद्योगिक पार्क एवं क्लस्टर विकास की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। उपायुक्त ने उद्यमियों को सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उपलब्ध कराने तथा नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। इसके लिए प्रशासन, उद्योग विभाग और वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

श्रमिकों के कौशल विकास और कल्याण पर फोकस

श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान कौशल विकास प्रशिक्षण, न्यूनतम मजदूरी, ईएसआई और ईपीएफ पंजीकरण तथा श्रमिक कल्याण योजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि कौशल विकास कार्यक्रमों को लघु एवं कुटीर उद्योगों की आवश्यकताओं से जोड़ा जाए ताकि प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें आधुनिक कौशल से लैस करना समय की आवश्यकता है। इससे जिले में औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।

दीदी आजीविका कैफे की स्थापना की तैयारियां तेज

बैठक में समाहरणालय बी-ब्लॉक और सदर अस्पताल परिसर में प्रस्तावित “दीदी आजीविका कैफे” की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संभावित स्थलों के सत्यापन और चयन की अद्यतन जानकारी प्राप्त की तथा प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

यह कैफे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा संचालित किया जाएगा, जिससे उन्हें स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध होगा और उनके उत्पादों को बाजार भी मिलेगा।

रांची को उद्यमशील जिला बनाने का लक्ष्य

बैठक के अंत में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि रांची को एक उद्यमशील जिला बनाने के लिए सभी विभागों को पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति, लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि तथा क्षेत्रीय समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और लघु उद्योगों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जिससे रांची जिले के समग्र विकास का मार्ग और अधिक मजबूत होगा।

रांची में महिला स्वावलंबन और ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगी नई उड़ान, उपायुक्त ने स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की ji रांची में महिला स्वावलंबन और ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगी नई उड़ान, उपायुक्त ने स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की ji Reviewed by PSA Live News on 9:43:00 pm Rating: 5

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