मधुबनी, 06 जुलाई 2026। जिले में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी सह समाहर्ता आनंद शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की शीर्ष दस (टॉप-10) महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक के दौरान लघु जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल मधुबनी एवं झंझारपुर तथा विद्युत आपूर्ति प्रमंडल जयनगर की प्रमुख योजनाओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने योजनाओं की वर्तमान स्थिति, भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, कार्य प्रारंभ होने की स्थिति तथा शेष कार्यों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
लघु जल संसाधन विभाग की समीक्षा के क्रम में जल-जीवन-हरियाली अभियान एवं हर खेत तक सिंचाई का पानी कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी ने करहरवा चेक डैम, रैय चंदा चेक डैम, महथौर गोट चेक डैम तथा इटहर चेक डैम सहित अन्य निर्माणाधीन योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चेक डैम एवं जल संरक्षण से जुड़ी योजनाएं किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं तथा इनके पूर्ण होने से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ भू-जल स्तर को भी संरक्षित करने में सहायता मिलेगी।
इसके बाद लोक स्वास्थ्य प्रमंडल की योजनाओं की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पंचायती राज विभाग के अंतर्गत छूटे हुए टोलों में नई जलापूर्ति योजनाओं के निर्माण संबंधी प्रस्तावों एवं कार्यों की प्रगति का प्रखंडवार और स्थलवार आकलन किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के किसी भी टोले या बस्ती को स्वच्छ पेयजल सुविधा से वंचित नहीं रहने दिया जाए तथा योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में विद्युत आपूर्ति प्रमंडल जयनगर के कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान विभिन्न प्रखंडों में कृषि विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की स्थिति, स्मार्ट मीटर स्थापना की प्रगति तथा विद्युत आपूर्ति से संबंधित अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को कृषि कार्यों के लिए समय पर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए तथा स्मार्ट मीटर स्थापना कार्य में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी बल दिया।
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट कहा कि सरकार की विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय बनाकर कार्य करने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और किसी प्रकार की बाधा आने पर तत्काल समाधान करने को कहा।
बैठक में सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा नितेश पाठक सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन का आश्वासन दिया।
जिला प्रशासन का मानना है कि जल संरक्षण, सिंचाई, पेयजल आपूर्ति एवं विद्युत सुविधा से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
Reviewed by PSA Live News
on
9:25:00 pm
Rating:

कोई टिप्पणी नहीं: