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14 दिनों में 3080 निराश्रितों को कराया गया भोजन, मानव सेवा का बना प्रेरणादायी उदाहरण

सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में अन्नपूर्णा सेवा का विशेष आयोजन



रांची।
मानवता, करुणा और सेवा के मूल्यों को साकार करते हुए परमहंस डॉ. संत शिरोमणि श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के सानिध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट, रांची द्वारा संचालित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम, पुंदाग के तत्वावधान में सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम (सत्य-प्रेम सभागार), रांची में रह रहे निराश्रित, मंदबुद्धि एवं दिव्यांग प्रभुजनों के लिए विशेष अन्नपूर्णा सेवा का आयोजन किया गया।

आश्रम के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने जानकारी देते हुए बताया कि 19 जून से 2 जुलाई तक लगातार 14 दिनों के दौरान आश्रम में रह रहे 48 मंदबुद्धि, दिव्यांग एवं निराश्रित प्रभुजनों तथा उनकी सेवा में समर्पित सेवादारों को प्रतिदिन तीनों समय पौष्टिक, स्वादिष्ट एवं सात्विक भोजन उपलब्ध कराया गया। इस अवधि में कुल 3080 लोगों को भोजन प्रसादी ग्रहण कराई गई।

उन्होंने बताया कि आश्रम की रसोई में पूर्ण स्वच्छता, शुद्धता और सात्विकता का विशेष ध्यान रखते हुए विभिन्न प्रकार के पौष्टिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं। भोजन केवल पेट भरने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा, सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक है। प्रत्येक निराश्रित प्रभुजन को प्रेम, सम्मान और अपनत्व के साथ भोजन परोसा जाता है, जिससे उनमें आत्मविश्वास और अपनापन की भावना विकसित होती है।

संजय सर्राफ ने कहा कि समाज के सबसे कमजोर और उपेक्षित वर्ग की सेवा ही वास्तविक मानव धर्म है। उन्होंने कहा कि "मानव प्रभु सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। जरूरतमंद, असहाय और निराश्रित लोगों की सेवा करना ही ईश्वर की सच्ची आराधना है।" उन्होंने बताया कि इस सेवा अभियान में अनेक समाजसेवियों, दानदाताओं और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। कई लोगों ने स्वयं आश्रम पहुंचकर भोजन सेवा का दायित्व संभाला, जबकि अनेक सहयोगियों ने खाद्यान्न, दैनिक उपयोग की सामग्री एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान कर सेवा कार्य को मजबूत बनाया।

उन्होंने कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में संवेदनशीलता, सह-अस्तित्व और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देते हैं। यदि समाज के सक्षम लोग आगे आकर जरूरतमंदों की सहायता करें तो कोई भी व्यक्ति उपेक्षित और असहाय नहीं रहेगा। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे ऐसे मानवीय सेवा कार्यों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

अन्नपूर्णा सेवा के इस पुण्य कार्य में ट्रस्ट के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज कुमार चौधरी, निर्मल छावनिका, सज्जन पाड़िया, पुजारी अरविंद पांडे, पुरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, नन्द किशोर चौधरी, संजय सर्राफ, विशाल जालान, सुनील पोद्दार, मधुसूदन जाजोदिया, विष्णु सोनी, सुरेश चौधरी, अरविंद अग्रवाल, सुरेश भगत, पवन पोद्दार सहित ट्रस्ट के अनेक सदस्य एवं समाजसेवी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने सेवा, करुणा और परोपकार की भावना को समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास न केवल जरूरतमंदों को संबल प्रदान करते हैं, बल्कि समाज को मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक करने का भी महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

14 दिनों में 3080 निराश्रितों को कराया गया भोजन, मानव सेवा का बना प्रेरणादायी उदाहरण 14 दिनों में 3080 निराश्रितों को कराया गया भोजन, मानव सेवा का बना प्रेरणादायी उदाहरण Reviewed by PSA Live News on 8:04:00 pm Rating: 5

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