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राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर राजद का तीखा हमला: “भगवान राम के नाम पर चढ़े आभूषण कहाँ गए?”

भाजपा की चुप्पी पर उठे सवाल, उच्च स्तरीय जांच की मांग


रांची/अयोध्या।
अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए आभूषणों, बहुमूल्य रत्नों एवं दान राशि से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राजद के प्रदेश महासचिव मनोज कुमार पांडेय ने इस पूरे मामले को करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए इसकी निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

राजद नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी स्वयं को भगवान श्रीराम और सनातन धर्म की सबसे बड़ी हितैषी बताती रही है, लेकिन जब राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए आभूषणों और दान राशि के कथित गायब होने अथवा अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं, तब भाजपा और केंद्र सरकार की चुप्पी कई गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है।

उन्होंने कहा कि देश पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे समय में यदि धर्मस्थलों और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठने लगें तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ रामलला के चरणों में सोना, चांदी, हीरे, मोती और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं अर्पित की हैं। ऐसे में उन चढ़ावों के प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर पारदर्शिता आवश्यक है।

“सीसीटीवी निगरानी के बावजूद कैसे हुई कथित गड़बड़ी?”

मनोज कुमार पांडेय ने सवाल उठाते हुए कहा कि राम मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम हैं। हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन करने आते हैं और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहती है। इसके बावजूद यदि बहुमूल्य आभूषणों, दान राशि अथवा अन्य वस्तुओं के संबंध में अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की चोरी, गड़बड़ी या वित्तीय अनियमितता हुई है तो यह केवल संपत्ति का मामला नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं और आस्था पर सीधा आघात है।

प्रधानमंत्री से मांगा जवाब

राजद नेता ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। भाजपा यदि वास्तव में भगवान श्रीराम और हिंदू समाज की हितैषी है तो उसे इस मामले की निष्पक्ष जांच का समर्थन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं कि मंदिर निर्माण से लेकर चढ़ावे के प्रबंधन तक की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है या नहीं। यदि कहीं कोई कमी या अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

ट्रस्ट की भूमिका पर भी उठे सवाल

राजद ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों के विरुद्ध शिकायत दर्ज होने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों को बिना किसी दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच का दायरा केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित न रहकर सभी संबंधित पक्षों तक पहुंचना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

मनोज कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर और उससे जुड़े विभिन्न आर्थिक पहलुओं को लेकर देशभर में कई प्रकार की चर्चाएं और आशंकाएं व्याप्त हैं। इन आशंकाओं को दूर करने का सबसे प्रभावी तरीका स्वतंत्र और पारदर्शी जांच ही हो सकता है।

राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग

राजद ने भारत की महामहिम राष्ट्रपति से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि केवल अयोध्या के राम मंदिर ही नहीं, बल्कि देशभर में जिन प्रमुख मंदिरों का निर्माण, पुनर्निर्माण, जीर्णोद्धार अथवा विकास कार्य हुए हैं, उनकी वित्तीय व्यवस्था, दान राशि और चढ़ावे के उपयोग की भी समय-समय पर स्वतंत्र ऑडिट और जांच होनी चाहिए।

राजद का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत होगा और धार्मिक संस्थाओं के प्रति पारदर्शिता एवं जवाबदेही भी बढ़ेगी।

“आस्था से जुड़े मामलों में राजनीति नहीं, पारदर्शिता जरूरी”

राजद ने कहा कि यह विषय किसी राजनीतिक दल की जीत-हार का नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का है। इसलिए सरकार, मंदिर प्रशासन और संबंधित संस्थाओं को सभी तथ्यों को सार्वजनिक कर लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए।

पार्टी ने मांग की कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता, वित्तीय गड़बड़ी या भ्रष्टाचार सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, चाहे उनका पद कितना भी बड़ा क्यों न हो।

जनता की नजर जांच पर

राम मंदिर देश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में उससे जुड़े किसी भी विवाद या आरोप को लेकर देशभर में स्वाभाविक रूप से लोगों की रुचि और चिंता बढ़ जाती है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित एजेंसियां और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं तथा उठाए गए सवालों के जवाब किस प्रकार सामने आते हैं।

— रिपोर्ट
अशोक कुमार झा
प्रधान संपादक, रांची दस्तक एवं PSA लाइव न्यूज
संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय उपभोक्ता एवं मानवाधिकार संरक्षण परिषद
संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष, सर्वजन विकास पार्टी
वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक-राजनीतिक विश्लेषक

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर राजद का तीखा हमला: “भगवान राम के नाम पर चढ़े आभूषण कहाँ गए?” राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर राजद का तीखा हमला: “भगवान राम के नाम पर चढ़े आभूषण कहाँ गए?” Reviewed by PSA Live News on 11:32:00 pm Rating: 5

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