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केएसडीएसयू विश्वविद्यालय पंचांग 2026-27 का भव्य विमोचन, 30 जुलाई से होगा प्रभावी

इस बार 63 दिनों तक बजेगी विवाह की शहनाई, शनि बने राजा और मंगल मंत्री


दरभंगा।
कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय (केएसडीएसयू) द्वारा प्रकाशित बहुप्रतीक्षित विश्वविद्यालय पंचांग वर्ष 2026-27 का मंगलवार को कुलपति प्रो. लक्ष्मीनिवास पांडेय की अध्यक्षता में विधिवत विमोचन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम का वातावरण उत्सवी और आध्यात्मिक उल्लास से परिपूर्ण रहा। पंचांग के विमोचन के साथ ही मिथिला सहित देश-विदेश में बसे लाखों मैथिल परिवारों को आगामी वर्ष के शुभ मुहूर्त, पर्व-त्योहार, व्रत, संस्कार एवं मांगलिक कार्यों की तिथियों की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध हो गई है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. लक्ष्मीनिवास पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय पंचांग केवल तिथि और मुहूर्त देखने का साधन नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा, विद्वता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पंचांग निर्माण अत्यंत जटिल और श्रमसाध्य प्रक्रिया है, जिसमें ज्योतिष एवं धर्मशास्त्र के विशेषज्ञ विद्वानों को महीनों तक परिश्रम करना पड़ता है। इस कार्य से जुड़े सभी विद्वान बधाई और धन्यवाद के पात्र हैं।

इस अवसर पर शोध एवं प्रकाशन प्रभारी प्रो. दिलीप कुमार झा ने विश्वविद्यालय पंचांग के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके जनक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति स्वर्गीय प्रो. रामकरण शर्मा थे। उनके संरक्षण में पहली बार वर्ष 1977-78 में विश्वविद्यालय पंचांग का प्रकाशन आरंभ हुआ था। तब से लेकर आज तक यह परंपरा लगातार जारी है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज पंचांग का 49वां अंक समाज के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जो विश्वविद्यालय की विद्वत परंपरा और सांस्कृतिक दायित्व का प्रतीक है।

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. निशिकांत ने पंचांग की विशेषताओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 30 जून 2026 को विमोचित यह पंचांग आगामी 30 जुलाई 2026 से 18 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेगा। यह पंचांग विक्रम संवत 2083-84 तथा मिथिला की परंपरागत गणना पद्धति के अनुरूप तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि पंचांग पूर्णतः स्कंध ज्योतिष शास्त्र के सिद्धांतों और मकरंद गणित पर आधारित है तथा इसमें तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त निर्धारण मैथिल धर्मशास्त्रों के अनुरूप किया गया है।

डॉ. निशिकांत ने बताया कि इस वर्ष ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार शनि को राजा तथा मंगल को मंत्री माना गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसका प्रभाव कृषि, सामाजिक गतिविधियों और राजनीतिक परिस्थितियों पर भी दिखाई दे सकता है।

पिछले वर्ष की तुलना में विवाह के 18 दिन अधिक

विश्वविद्यालय पंचांग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस वर्ष विवाह के लिए शुभ मुहूर्तों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष जहां विवाह के लिए 45 शुभ दिन निर्धारित थे, वहीं इस बार कुल 63 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। अर्थात पिछले वर्ष की तुलना में 18 दिन अधिक विवाह संपन्न हो सकेंगे। इससे विवाह उद्योग, होटल व्यवसाय, कैटरिंग, आभूषण, वस्त्र एवं परिवहन क्षेत्र में भी आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

पंचांग के अनुसार विवाह का शुभारंभ 22 नवंबर 2026 से होगा और 9 जुलाई 2027 तक विभिन्न शुभ तिथियों में विवाह संपन्न किए जा सकेंगे।

विवाह के प्रमुख शुभ मुहूर्त

नवंबर 2026 में 22, 25, 26 एवं 30 नवंबर, दिसंबर 2026 में 4, 6, 9, 10, 11 एवं 14 दिसंबर, जनवरी 2027 में 18, 24, 28, 29 एवं 31 जनवरी, फरवरी में 7, 10, 11, 15, 21, 22, 24, 25 एवं 28 फरवरी, मार्च में 1, 3, 4, 10 एवं 11 मार्च, अप्रैल में 10, 21, 23, 25, 28 एवं 29 अप्रैल, मई में 2, 3, 7, 9, 13, 17, 20, 21, 23, 24, 26, 27, 30 एवं 31 मई, जून में 2, 4, 9, 10, 13, 14, 18, 23 एवं 24 जून तथा जुलाई में 1, 2, 7, 8 एवं 9 जुलाई को शुभ विवाह मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं।

द्विरागमन के 27 शुभ दिन

पंचांग के अनुसार नवविवाहित दंपतियों के द्विरागमन संस्कार के लिए कुल 27 शुभ तिथियां निर्धारित की गई हैं। नवंबर 2026 से लेकर मई 2027 तक विभिन्न तिथियों में यह संस्कार संपन्न किया जा सकेगा।

मुंडन संस्कार के लिए 22 शुभ तिथियां

बच्चों के मुंडन संस्कार हेतु इस वर्ष कुल 22 शुभ दिन निर्धारित किए गए हैं। नवंबर 2026 से जुलाई 2027 तक अलग-अलग महीनों में मुंडन संस्कार के लिए उपयुक्त तिथियां उपलब्ध रहेंगी।

उपनयन संस्कार के लिए 14 शुभ मुहूर्त

वैदिक परंपरा के महत्वपूर्ण संस्कारों में शामिल उपनयन के लिए कुल 14 शुभ तिथियां निर्धारित की गई हैं। फरवरी 2027 से जुलाई 2027 तक विभिन्न तिथियों में यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न किए जा सकेंगे।

गृह प्रवेश और गृहारंभ के लिए भी पर्याप्त मुहूर्त

पंचांग के अनुसार गृह प्रवेश के लिए कुल 18 तथा गृहारंभ के लिए 19 शुभ तिथियां निर्धारित की गई हैं। नए मकान में प्रवेश, भूमि पूजन और निर्माण कार्य शुरू करने वाले परिवारों के लिए यह जानकारी विशेष महत्व रखती है।

देवप्रतिष्ठा के लिए 18 शुभ दिन

मंदिर निर्माण और देवप्रतिष्ठा जैसे धार्मिक कार्यों के लिए भी इस वर्ष कुल 18 शुभ मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं। जनवरी से जुलाई 2027 तक विभिन्न तिथियों में यह कार्य संपन्न किए जा सकेंगे।

प्रमुख पर्व एवं त्योहार

विश्वविद्यालय पंचांग में वर्ष 2026-27 के प्रमुख पर्व-त्योहारों की तिथियां भी प्रकाशित की गई हैं। इसके अनुसार—

  • रक्षाबंधन – 28 अगस्त 2026
  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी – 4 सितंबर 2026
  • विजयादशमी – 21 अक्टूबर 2026
  • दीपावली – 8 नवंबर 2026
  • छठ पूजा – 16 नवंबर 2026
  • मकर संक्रांति – 15 जनवरी 2027
  • वसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा – फरवरी 2027
  • महाशिवरात्रि – 6 मार्च 2027
  • होली – 22 मार्च 2027
  • रामनवमी – 15 अप्रैल 2027

कल्पवास और सौराठ सभा की तिथियां भी घोषित

पंचांग में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की महत्वपूर्ण तिथियां भी शामिल की गई हैं। इसके अनुसार—

  • सिमरिया कल्पवास : 18 अक्टूबर 2026 से 17 नवंबर 2026 तक
  • प्रयाग कल्पवास : 15 जनवरी 2027 से 13 फरवरी 2027 तक
  • मिथिलांचल की ऐतिहासिक सौराठ सभा (गाछी) : 1 जुलाई 2027 से 9 जुलाई 2027 तक आयोजित होगी।

मिथिला की सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत दस्तावेज

विद्वानों का मानना है कि केएसडीएसयू का पंचांग केवल ज्योतिषीय गणना का ग्रंथ नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक परंपराओं का जीवंत दस्तावेज है। विवाह, उपनयन, मुंडन, गृह प्रवेश, देव प्रतिष्ठा और पर्व-त्योहारों के आयोजन में इस पंचांग की मान्यता पूरे मिथिलांचल सहित देश के विभिन्न भागों में बसे मैथिल समाज के बीच अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

विश्वविद्यालय द्वारा पंचांग के 49वें संस्करण के प्रकाशन के साथ एक बार फिर यह सिद्ध हो गया है कि आधुनिकता के इस दौर में भी मिथिला की पारंपरिक ज्ञान परंपरा, ज्योतिषीय गणना और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रसारित करने में केएसडीएसयू की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह पंचांग लाखों परिवारों के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन का मार्गदर्शक बनेगा।

केएसडीएसयू विश्वविद्यालय पंचांग 2026-27 का भव्य विमोचन, 30 जुलाई से होगा प्रभावी केएसडीएसयू विश्वविद्यालय पंचांग 2026-27 का भव्य विमोचन, 30 जुलाई से होगा प्रभावी Reviewed by PSA Live News on 9:51:00 pm Rating: 5

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