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रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की पहल से 40 गरीब मरीजों को मिली नई जिंदगी की उम्मीद

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से एक वर्ष में ₹86 लाख से अधिक की सहायता, कैंसर, हृदय, किडनी व अन्य गंभीर रोगों के मरीजों को मिला उपचार का सहारा

रांची। रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ की पहल से आर्थिक रूप से कमजोर गंभीर रोगियों को बड़ी राहत मिली है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान उनकी अनुशंसा पर रांची लोकसभा क्षेत्र सहित आसपास के जिलों के 40 गंभीर रूप से बीमार मरीजों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से ₹86 लाख से अधिक की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई। इस सहायता से कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, रीढ़ की गंभीर बीमारी तथा थैलेसीमिया जैसी जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के इलाज का रास्ता आसान हुआ है।

यह आर्थिक सहायता सीधे संबंधित अस्पतालों के खातों में भेजी गई, जिससे मरीजों और उनके परिजनों पर इलाज का भारी आर्थिक बोझ कम हुआ। कई ऐसे परिवार, जो महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे, उन्हें इस योजना के माध्यम से समय पर उपचार उपलब्ध हो सका।

कैंसर सहित गंभीर बीमारियों के मरीजों को मिला लाभ

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की अनुशंसा पर सहायता प्राप्त करने वाले 40 मरीजों में 22 कैंसर पीड़ित हैं, जबकि 18 मरीज हृदय रोग, किडनी रोग, रीढ़ की गंभीर बीमारी तथा थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।

इनमें से 22 मरीजों को अधिकतम ₹3 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की गई, जबकि अन्य मरीजों को उनकी चिकित्सा आवश्यकताओं के अनुरूप ₹50 हजार से ₹2.50 लाख तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। इस सहायता से अनेक मरीजों के ऑपरेशन, दवाइयों और अन्य आवश्यक चिकित्सा प्रक्रियाओं का खर्च वहन किया जा सका।

गरीबों के इलाज के प्रति संवेदनशील हैं प्रधानमंत्री : संजय सेठ

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने देश के करोड़ों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की है, वहीं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष गंभीर बीमारियों से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के कारण अब आर्थिक तंगी किसी गरीब मरीज के इलाज में बाधा नहीं बनने दी जा रही है। सरकार का प्रयास है कि जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर उपचार मिले और केवल पैसे के अभाव में किसी की जान न जाए।

कैसे मिलती है सहायता

संजय सेठ ने बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के तहत गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता स्थानीय सांसद की अनुशंसा पर उपलब्ध कराई जाती है। सहायता राशि सीधे उस अस्पताल के खाते में भेजी जाती है, जहां मरीज का इलाज चल रहा हो। इसके लिए संबंधित अस्पताल का प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से संबद्ध होना आवश्यक है।

उन्होंने गंभीर बीमारी से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों और उनके परिजनों से अपील की कि यदि वे योजना की पात्रता पूरी करते हैं तो अपने जनप्रतिनिधि के माध्यम से आवेदन कर इस सुविधा का लाभ अवश्य उठाएं।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से चिकित्सा सहायता के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • वार्षिक आय ₹1 लाख से कम होने का आय प्रमाण पत्र।
  • संबंधित अस्पताल द्वारा जारी उपचार का विस्तृत एस्टिमेट (Estimate)
  • मरीज का पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटो।
  • मरीज का आधार कार्ड।
  • चिकित्सा सहायता हेतु विधिवत भरा हुआ आवेदन प्रपत्र।

गरीब परिवारों के लिए संजीवनी बनी योजना

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के माध्यम से दी जाने वाली चिकित्सा सहायता उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है, जिनके सामने गंभीर बीमारी के इलाज का खर्च सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की सक्रिय अनुशंसा और पहल से एक वर्ष में 40 मरीजों को मिली ₹86 लाख से अधिक की सहायता इस बात का उदाहरण है कि जनप्रतिनिधियों की संवेदनशील पहल और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकती हैं।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की पहल से 40 गरीब मरीजों को मिली नई जिंदगी की उम्मीद रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की पहल से 40 गरीब मरीजों को मिली नई जिंदगी की उम्मीद Reviewed by PSA Live News on 7:30:00 pm Rating: 5

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