ब्लॉग खोजें

कांग्रेस की हिंसा और अराजकता की राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरा : संजय सेठ

भाजपा मुख्यालय घेराव को बताया सुनियोजित टकराव, बोले— "चोर मचाए शोर" की कहावत चरितार्थ कर रही कांग्रेस

नई दिल्ली/रांची। रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ ने रांची स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय के घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन और कथित हिंसक घटनाओं की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना हर राजनीतिक दल का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, अराजकता और टकराव का वातावरण बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

श्री सेठ ने कहा कि कांग्रेस ने लोकतांत्रिक संवाद और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करने के बजाय उग्र राजनीति का रास्ता अपनाया है। उनका आरोप है कि भाजपा प्रदेश मुख्यालय के घेराव की आड़ में कांग्रेस ने राजनीतिक तनाव और टकराव की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया, जिसे भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरी तरह विफल कर दिया।

उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को किसी नीति, निर्णय या सरकार से संबंधित कोई शिकायत है तो उसके लिए लोकतांत्रिक संस्थाएं, संवैधानिक मंच और वैधानिक प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं। लेकिन इन रास्तों को छोड़कर हिंसक प्रदर्शन करना यह दर्शाता है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक परंपराओं में विश्वास नहीं रखती।

राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी साधा निशाना

रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस देशभर में संघर्ष और टकराव की राजनीति को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि रांची की घटना भी उसी राजनीतिक सोच का परिणाम है, जिसमें लोकतांत्रिक संवाद के बजाय सड़क पर टकराव की रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता कांग्रेस की इस कार्यशैली को समझ चुकी है और समय आने पर इसका लोकतांत्रिक जवाब देगी।

"चोर मचाए शोर" की कहावत कांग्रेस पर लागू

संजय सेठ ने कहा कि झारखंड प्रदेश कांग्रेस आज "चोर मचाए शोर" की कहावत को चरितार्थ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा पर निराधार आरोप लगाने में लगी है, जबकि उसे राज्य सरकार, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और उन संस्थाओं से जवाब मांगना चाहिए, जिन पर वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के आरोप लगते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि झारखंड के हजारों-लाखों युवा रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस उनके मुद्दों पर आवाज उठाने के बजाय भाजपा को निशाना बना रही है। इससे यह संदेश जाता है कि कांग्रेस युवाओं के साथ हुए अन्याय और भ्रष्टाचार के मामलों पर गंभीर नहीं है।

भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध

रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और शांतिपूर्ण राजनीतिक परंपराओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, अराजकता और अलोकतांत्रिक राजनीति का भाजपा लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से मजबूती के साथ मुकाबला करती रहेगी।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा और टकराव की संस्कृति किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं मानी जा सकती।

कांग्रेस की हिंसा और अराजकता की राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरा : संजय सेठ कांग्रेस की हिंसा और अराजकता की राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरा : संजय सेठ Reviewed by PSA Live News on 7:33:00 pm Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.