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90 हजार आधार कार्ड निष्क्रिय: पहचान व्यवस्था में बड़ी सफाई, लाखों लोगों के लिए चेतावनी


पटना/नई दिल्ली।
देश की सबसे बड़ी पहचान प्रणाली आधार को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने बिहार में लगभग 90 हजार आधार धारकों के आधार नंबर निष्क्रिय कर दिए हैं। यह कार्रवाई उन मामलों में की गई है जिनमें वर्षों से आधार अपडेट नहीं हुआ था, रिकॉर्ड संदिग्ध पाए गए या दस्तावेजों के सत्यापन में गड़बड़ियां सामने आईं। इस कदम के बाद लाखों लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर आधार कब निष्क्रिय हो सकता है और इससे सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं तथा अन्य सुविधाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

आधार आज केवल एक पहचान पत्र नहीं रह गया है, बल्कि बैंक खाता खोलने, मोबाइल सिम लेने, सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने, छात्रवृत्ति, पेंशन, राशन, आयुष्मान योजना तथा अनेक सेवाओं के लिए अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में किसी भी आधार संख्या के निष्क्रिय होने का सीधा असर व्यक्ति के दैनिक जीवन और सरकारी लाभों पर पड़ सकता है।

UIDAI के अधिकारियों के अनुसार कई ऐसे आधार कार्डधारक चिन्हित किए गए जिनका आधार दस वर्ष से अधिक पुराना था और उन्होंने कभी भी अपने दस्तावेज, पता, मोबाइल नंबर या अन्य जानकारियों को अपडेट नहीं कराया। कई मामलों में जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आधार बनवाने के समय गलत अथवा फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया था। तकनीक और सॉफ्टवेयर के लगातार उन्नत होने के कारण अब ऐसे मामलों को पहचानना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है। इसी कारण संदिग्ध रिकॉर्ड वाले हजारों आधार नंबरों को निष्क्रिय कर दिया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले एक दशक में आधार प्रणाली का उपयोग अत्यधिक बढ़ा है। करोड़ों लोग विभिन्न सरकारी और निजी सेवाओं में आधार का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में यदि रिकॉर्ड अद्यतन नहीं होंगे तो पहचान सत्यापन में कठिनाई आ सकती है। यही कारण है कि UIDAI समय-समय पर आधार धारकों को अपने दस्तावेज अपडेट करने की सलाह देता रहा है। प्राधिकरण ने कई बार एसएमएस, मोबाइल नोटिफिकेशन और अन्य माध्यमों से लोगों को सूचित किया है कि यदि उनका आधार दस वर्ष से अधिक पुराना है तो वे अपने पहचान और पते के दस्तावेज अपडेट कराएं।

हालांकि इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि UIDAI ने स्पष्ट किया है कि केवल दस वर्ष पुराने होने के कारण आधार स्वतः अमान्य नहीं हो जाता। आधार को अपडेट करना नागरिकों के हित में सलाह के रूप में दिया जाता है, जबकि निष्क्रियता की कार्रवाई आमतौर पर विशेष परिस्थितियों, संदिग्ध रिकॉर्ड, फर्जी दस्तावेज या नियमों के उल्लंघन के मामलों में की जाती है।

आधार विशेषज्ञों के अनुसार दस वर्षों में किसी भी व्यक्ति के चेहरे, हस्ताक्षर, पता, मोबाइल नंबर और यहां तक कि बायोमेट्रिक विवरणों में भी परिवर्तन संभव है। बच्चों और किशोरों के मामले में यह बदलाव और अधिक होता है। यदि आधार रिकॉर्ड लंबे समय तक अपडेट नहीं किए जाते तो पहचान सत्यापन के दौरान समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यही कारण है कि UIDAI समय-समय पर दस्तावेजों और बायोमेट्रिक जानकारी को अद्यतन रखने पर जोर देता है।

बिहार में 90 हजार आधार संख्या निष्क्रिय होने की खबर ने प्रशासनिक स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। यदि किसी लाभार्थी का आधार निष्क्रिय पाया जाता है तो उसे राशन, पेंशन, छात्रवृत्ति, गैस सब्सिडी, बैंकिंग और अन्य योजनाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए संबंधित लोगों को जल्द से जल्द आधार सेवा केंद्र पहुंचकर अपनी स्थिति की जांच कराने और आवश्यक अपडेट कराने की सलाह दी जा रही है।

UIDAI ने हाल के वर्षों में आधार डेटाबेस को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए बड़े स्तर पर सफाई अभियान भी चलाया है। इसी क्रम में मृत व्यक्तियों के करोड़ों आधार नंबर भी निष्क्रिय किए गए हैं ताकि पहचान की चोरी और धोखाधड़ी को रोका जा सके। प्राधिकरण का कहना है कि डेटाबेस की शुद्धता और सुरक्षा बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन अपने आधार रिकॉर्ड को समय-समय पर जांचना और अपडेट कराना जरूरी है। यदि मोबाइल नंबर बदल गया है, पता बदल गया है या आधार बनवाए कई वर्ष बीत चुके हैं, तो निकटतम आधार सेवा केंद्र या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दस्तावेज अपडेट करा लेना चाहिए। इससे भविष्य में किसी भी सरकारी या निजी सेवा का लाभ लेने में परेशानी नहीं होगी।

यह मामला एक बार फिर यह याद दिलाता है कि डिजिटल युग में पहचान संबंधी दस्तावेजों को अद्यतन रखना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। आधार जितना महत्वपूर्ण होता जा रहा है, उतनी ही महत्वपूर्ण उसकी जानकारी को सही और वर्तमान बनाए रखना भी है। बिहार में 90 हजार आधार संख्या निष्क्रिय होने की घटना पूरे देश के आधार धारकों के लिए एक चेतावनी है कि वे समय रहते अपने रिकॉर्ड की समीक्षा करें और आवश्यक अपडेट अवश्य कराएं।

90 हजार आधार कार्ड निष्क्रिय: पहचान व्यवस्था में बड़ी सफाई, लाखों लोगों के लिए चेतावनी 90 हजार आधार कार्ड निष्क्रिय: पहचान व्यवस्था में बड़ी सफाई, लाखों लोगों के लिए चेतावनी Reviewed by PSA Live News on 12:35:00 am Rating: 5

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