थाने की तीसरी मंजिल के कमरे में फंदे से लटका मिला शव, डिप्रेशन की आशंका; हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर थाना परिसर से शनिवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया। थाना परिसर में तैनात डायल-112 के सहायक अवर निरीक्षक (ASI) बबलू कुमार प्रसाद (50) का शव थाना भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित उनके कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की जानकारी मिलते ही समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरविंद प्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कमरे को सील कर साक्ष्य जुटाने शुरू किए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया। फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर गहन जांच कर रही है।
दो वर्षों से थे मोहिउद्दीन नगर थाना में तैनात
जानकारी के अनुसार, ASI बबलू कुमार प्रसाद पिछले करीब दो वर्षों से मोहिउद्दीन नगर थाना में डायल-112 सेवा में तैनात थे। वे थाना परिसर में बने सरकारी कमरे में ही रहते थे। साथी पुलिसकर्मियों के अनुसार वे बेहद शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और अधिक बातचीत नहीं करते थे। ड्यूटी पूरी करने के बाद वे सीधे अपने कमरे में चले जाते थे और अधिकांश समय अकेले ही रहते थे।
शनिवार सुबह जब काफी देर तक उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो साथी पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ। दरवाजा खोलने पर उनका शव फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी स्तब्ध रह गए और तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।
प्रारंभिक जांच में डिप्रेशन की आशंका
समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला मानसिक तनाव अथवा डिप्रेशन से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि ASI बबलू कुमार प्रसाद लंबे समय से अकेले रह रहे थे और सहकर्मियों से भी बहुत कम बातचीत करते थे। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
एसपी ने स्पष्ट किया कि केवल प्रारंभिक परिस्थितियों के आधार पर किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
हर पहलू से हो रही जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और गंभीरता से की जा रही है। जांच में निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है—
- क्या यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
- घटना से पहले ASI ने किसी से बातचीत की थी या नहीं।
- उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की जांच।
- कमरे से मिले दस्तावेज, व्यक्तिगत सामान और अन्य साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच।
- यदि कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
- परिजनों और सहकर्मियों से पूछताछ कर उनकी मानसिक स्थिति और हाल के व्यवहार की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस महकमे में शोक की लहर
एक सक्रिय पुलिस अधिकारी की इस तरह हुई संदिग्ध मौत ने पूरे पुलिस विभाग को स्तब्ध कर दिया है। साथी पुलिसकर्मियों ने बताया कि बबलू कुमार प्रसाद अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाते थे। हालांकि वे कम बोलते थे और निजी जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं करते थे।
घटना के बाद थाना परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने सभी कर्मियों से सहयोग करने और जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अफवाहों से बचने की अपील की है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मानी जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों पर अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। यदि आवश्यक हुआ तो फॉरेंसिक विशेषज्ञों और तकनीकी टीम की भी मदद ली जाएगी।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल इस मामले को संदिग्ध मौत मानते हुए सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच जारी है।
Reviewed by PSA Live News
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9:24:00 pm
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