जमशेदपुर पुलिस हत्याकांड पर सियासत तेज: एसपी-एसएसपी के निलंबन को बताया 'दिखावटी कार्रवाई', दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर की उठी मांग
झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस वाहन से कथित रूप से युवक को खींचकर उसकी मौत हो जाने के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। इस घटना को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि केवल एसपी और एसएसपी को निलंबित कर सरकार जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है, जबकि वास्तविक दोषियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
विपक्ष का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री वास्तव में इस हत्याकांड के दोषी पुलिसकर्मियों को सजा दिलाने के लिए गंभीर हैं, तो उन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई जानी चाहिए, जिनकी मौजूदगी में यह घटना हुई। उनका आरोप है कि केवल वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है, जबकि घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर सीधे आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
इसी बीच विपक्ष ने झारखंड पुलिस के कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात एएसआई अजय सिंह का पुलिस महकमे में इतना प्रभाव है कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तक उनके सामने प्रभावहीन दिखाई देते हैं। आरोप लगाया गया है कि पुलिस अधिकारियों के तबादले से लेकर अवैध वसूली जैसे मामलों में भी उनके इशारों पर फैसले लिए जाते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विपक्ष ने चेतावनी दी है कि जब तक पुलिस व्यवस्था में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप और प्रभावशाली व्यक्तियों का दबाव समाप्त नहीं होगा, तब तक राज्य की कानून-व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। एक ओर सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष इसे न्याय के बजाय केवल प्रशासनिक औपचारिकता बता रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषियों के विरुद्ध आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।
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