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अवैध शराब पर सख्त प्रहार की तैयारी: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दिए बड़े निर्देश, विभाग में होगी बहाली, नई मदिरा नीति भी बनेगी


रांची, 24 जुलाई। 
झारखंड में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग के वित्तीय प्रदर्शन, राजस्व संग्रह, रिक्त पदों पर नियुक्ति, नई मदिरा विनिर्माण नीति, आधुनिक तकनीक के उपयोग और विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में अवैध शराब का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध शराब बनाने, बेचने, परिवहन करने और तस्करी में शामिल लोगों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब न केवल सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आम लोगों के जीवन और स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनती है।

बैठक में उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

राजस्व संग्रह में विभाग का शानदार प्रदर्शन

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने निर्धारित 3,885.11 करोड़ रुपये के लक्ष्य को पार करते हुए 4,013.53 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। यह विभाग की प्रभावी कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जुलाई 2026 के मध्य तक ही विभाग 1,376 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह कर चुका है, जो वार्षिक लक्ष्य का 30.57 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को लक्ष्य से भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध शराब का कारोबार सामाजिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से अत्यंत नुकसानदेह है। उन्होंने पुलिस, प्रशासन और उत्पाद विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर राज्यभर में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि अवैध शराब निर्माण, भंडारण और तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

रिक्त पदों पर जल्द होगी नियुक्ति, 583 उत्पाद सिपाहियों की बहाली अंतिम चरण में

मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पदों पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि विभाग के प्रभावी संचालन के लिए पर्याप्त मानव संसाधन आवश्यक है। इसलिए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के माध्यम से सभी स्वीकृत रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति जल्द पूरी की जाए।

अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि 583 चयनित उत्पाद सिपाहियों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही उन्हें नियुक्ति प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा निर्धारित समय-सीमा का विशेष रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जीपीएस और डिजिटल लॉक से लैस होंगे मदिरा परिवहन वाहन

मुख्यमंत्री ने विभाग को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य में मदिरा परिवहन करने वाले सभी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और डिजिटल (डीजी) लॉक लगाए जाएं, ताकि वाहनों की रियल टाइम निगरानी की जा सके।

इस व्यवस्था से वाहनों के मार्ग, ठहराव और गंतव्य पर नजर रखी जा सकेगी तथा अवैध परिवहन और चोरी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

स्पिरिट की मांग और उपयोग का होगा व्यापक अध्ययन

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में स्पिरिट की वर्तमान एवं भविष्य की मांग का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक उपयोग, उत्पादन क्षमता और राजस्व बढ़ाने की संभावनाओं का आकलन करते हुए एक समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि राज्य को अधिक आर्थिक लाभ मिल सके।

नई मदिरा विनिर्माण नीति बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए आधुनिक और व्यवहारिक मदिरा विनिर्माण नीति तैयार करने का निर्देश दिया।

उन्होंने औद्योगिक अल्कोहल के विनियमन हेतु अलग नीति बनाने तथा विभिन्न ब्रांडों के लेबल रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर बल दिया, ताकि लोकप्रिय ब्रांडों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और राजस्व संग्रह में वृद्धि हो।

गोदाम निर्माण में स्थानीय आदिवासी समुदाय को मिले प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पाद विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में बनाए जा रहे गोदामों के निर्माण कार्यों में स्थानीय आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और विकास कार्यों में स्थानीय सहभागिता भी बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने विभागीय गतिविधियों को जनहित एवं विकासोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया।

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल, उत्पाद आयुक्त संदीप सिंह, झारखंड राज्य बिवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के प्रबंध निदेशक नीरज कुमार सिंह, संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेन्द्र कुमार सिंह सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु

  • अवैध शराब निर्माण, बिक्री और तस्करी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
  • 2025-26 में 4,013.53 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व संग्रह।
  • 2026-27 में 4,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य।
  • 583 उत्पाद सिपाहियों की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में।
  • मदिरा परिवहन वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल लॉक अनिवार्य होंगे।
  • नई मदिरा विनिर्माण एवं औद्योगिक अल्कोहल नीति तैयार की जाएगी।
  • गोदाम निर्माण में स्थानीय आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता देने के निर्देश।
  • विभागीय कार्यों में आधुनिक तकनीक और पारदर्शिता पर विशेष जोर।
अवैध शराब पर सख्त प्रहार की तैयारी: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दिए बड़े निर्देश, विभाग में होगी बहाली, नई मदिरा नीति भी बनेगी अवैध शराब पर सख्त प्रहार की तैयारी: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दिए बड़े निर्देश, विभाग में होगी बहाली, नई मदिरा नीति भी बनेगी Reviewed by PSA Live News on 8:52:00 pm Rating: 5

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