झारखंड में न्यायिक प्रशासन की डिजिटल क्रांति: 'विधि पोर्टल 2.0' लॉन्च, सरकारी मुकदमों की निगरानी और पैरवी होगी और अधिक प्रभावी
रांची, 24 जुलाई। झारखंड सरकार ने राज्य में सरकारी न्यायालयीन मामलों के प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 'विधि पोर्टल 2.0' का औपचारिक शुभारंभ किया। झारखंड उच्च न्यायालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित गरिमामय समारोह में महाधिवक्ता रोहिताश्य रॉय ने पोर्टल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आईटी सचिव श्रीमती पूजा सिंघल, विधि विभाग के सचिव नीरज कुमार श्रीवास्तव, वरीय अतिरिक्त महाधिवक्ता अच्युत केशव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सरकारी अधिवक्ता और तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विकसित 'विधि पोर्टल 2.0' को झारखंड सरकार की डिजिटल गवर्नेंस और न्यायिक प्रशासन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य सरकारी मुकदमों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, तेज, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाना है, ताकि न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी निगरानी और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जुड़े सभी विभाग
विधि पोर्टल 2.0 के माध्यम से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, विधि विभाग, महाधिवक्ता कार्यालय तथा सरकारी अधिवक्ताओं को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया है। इससे किसी भी न्यायालयीन मामले की अद्यतन जानकारी संबंधित अधिकारियों तक तुरंत उपलब्ध होगी और विभागों के बीच समन्वय पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी होगा।
पोर्टल में रियल-टाइम केस मॉनिटरिंग, स्वचालित अलर्ट सिस्टम, स्मार्ट वर्क फ्लो, उन्नत डेटा विश्लेषण (Advanced Analytics) और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन तकनीकों के माध्यम से अधिकारियों को समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी तथा सरकारी पक्ष की मजबूत पैरवी सुनिश्चित हो सकेगी।
20 से अधिक नई सुविधाओं से लैस है पोर्टल
विधि पोर्टल 2.0 में 20 से अधिक नए फीचर जोड़े गए हैं, जो इसे पहले के संस्करण की तुलना में अधिक आधुनिक और उपयोगी बनाते हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- ई-कोर्ट्स प्रणाली के साथ सीधा एकीकरण।
- स्मार्ट कॉज़ लिस्ट की सुविधा।
- दैनिक एवं साप्ताहिक केस डाइजेस्ट।
- वरिष्ठ अधिकारियों के लिए एग्जीक्यूटिव डैशबोर्ड।
- केंद्रीकृत नोटिस प्रबंधन प्रणाली।
- मोबाइल एप के माध्यम से कहीं से भी केस मॉनिटरिंग।
- समयबद्ध कार्यों के लिए स्वचालित रिमाइंडर एवं अलर्ट।
- डेटा आधारित विश्लेषण एवं निर्णय सहायता प्रणाली।
सरकार की योजना भविष्य में इस पोर्टल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कानूनी विश्लेषण प्रणाली को भी शामिल करने की है। इससे मामलों का विश्लेषण, संभावित कानूनी जोखिमों का आकलन और प्रभावी रणनीति तैयार करने में सहायता मिलेगी।
महाधिवक्ता ने बताया न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण पहल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाधिवक्ता रोहिताश्य रॉय ने कहा कि विधि पोर्टल 2.0 राज्य सरकार के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। इससे सरकारी मुकदमों की प्रभावी निगरानी, समय पर आवश्यक कार्रवाई तथा न्यायालयों में बेहतर पैरवी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से सरकारी मामलों में अनावश्यक विलंब को कम करने में भी मदद मिलेगी।
तकनीक आधारित पारदर्शी शासन की दिशा में बड़ा कदम
आईटी सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने कहा कि यह पोर्टल झारखंड सरकार की डिजिटल गवर्नेंस नीति को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है तथा विधि पोर्टल 2.0 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
अधिकारियों को मिलेगा चरणबद्ध प्रशिक्षण
सरकार ने पोर्टल के सफल संचालन और अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और सरकारी अधिवक्ताओं को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। प्रशिक्षण के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को पोर्टल की सभी सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी, ताकि सरकारी मुकदमों के प्रबंधन में इसकी पूरी क्षमता का लाभ उठाया जा सके।
डिजिटल न्यायिक प्रबंधन की ओर बढ़ता झारखंड
विशेषज्ञों का मानना है कि विधि पोर्टल 2.0 के लागू होने से सरकारी मुकदमों की निगरानी अधिक व्यवस्थित होगी, विभागों के बीच समन्वय बेहतर बनेगा, मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी तथा न्यायालयों में सरकार की पैरवी और अधिक प्रभावशाली हो सकेगी। यह पहल झारखंड में ई-गवर्नेंस को नई दिशा देने के साथ-साथ न्यायिक प्रशासन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
Reviewed by PSA Live News
on
8:43:00 pm
Rating:

कोई टिप्पणी नहीं: