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बदलते श्रम परिदृश्य में भारतीय मजदूर संघ की भूमिका और अहम होगी : एस. मल्लेशम

रांची में तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यसमिति बैठक का भव्य शुभारंभ, देशभर से 150 प्रतिनिधि जुटे


रांची, 26 जुलाई।
भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यसमिति बैठक का रविवार को रांची स्थित सरला बिरला यूनिवर्सिटी के सभागार में विधिवत शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. मल्लेशम, महामंत्री सुरेंद्र कुमार पांडेय तथा संगठन के पालक अधिकारी वी. भग्गया ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह में सरला बिरला यूनिवर्सिटी के निदेशक एवं राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

देशभर के विभिन्न राज्यों एवं औद्योगिक महासंघों से आए लगभग 150 प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग ले रहे हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय मंथन में श्रमिक हितों, बदलते औद्योगिक परिवेश, नए श्रम कानूनों, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटलीकरण तथा गिग एवं प्लेटफॉर्म आधारित अर्थव्यवस्था जैसे समकालीन विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। बैठक के दौरान श्रमिकों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाने की संभावना है।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. मल्लेशम ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व का श्रम जगत तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटलीकरण, उत्पादन प्रणालियों में बदलाव तथा वैश्विक आर्थिक चुनौतियों ने श्रमिकों के सामने नई परिस्थितियां और नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भारतीय मजदूर संघ की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। संगठन का उद्देश्य केवल श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि बदलते समय के अनुरूप उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी नीति निर्माण में योगदान देना भी है।

भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री सुरेंद्र कुमार पांडेय ने संगठन के संस्थापक विचारक दत्तोपंत ठेंगड़ी को स्मरण करते हुए कहा कि उनका स्पष्ट संदेश था— "न्याय की पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति की सहायता करना ही अंत्योदय है।" उन्होंने कहा कि यह केवल एक विचार नहीं, बल्कि भारतीय मजदूर संघ की कार्यशैली और मूल दर्शन है। संगठन का लक्ष्य समाज के अंतिम श्रमिक तक न्याय, सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि देश में लागू किए जा रहे नए लेबर कोड के प्रभावों का गंभीरता से मूल्यांकन किया जाएगा। श्रमिकों की वास्तविक परिस्थितियों, उनके अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा तथा रोजगार की स्थिरता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, ताकि सरकार के समक्ष श्रमिक हितों से जुड़े सुझाव प्रभावी ढंग से रखे जा सकें।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पारंपरिक स्वागत भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष बलिराम यादव, प्रदेश महामंत्री राजीव रंजन सिंह तथा प्रदेश कोषाध्यक्ष चंदन कुमार प्रसाद के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर संगठन के अनेक प्रदेश पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से सुनील कुमार, अंगद उपाध्याय, रमाशंकर प्रसाद, सुबोध कुमार यादव, शिवकुमार सिंह, अवधेश राय, धर्मजीत चौधरी, उमेश सिंह, मुरारी तांती, प्रभात रंजन, नीरज तिवारी, सुनील कुमार पांडेय, रविंद्र कुमार मिश्रा, संतोष कुमार साहू, दिलीप कुमार, अखिलेश मिश्रा, विक्रम सिंह तथा ब्रजकिशोर राम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।

तीन दिवसीय यह राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक श्रमिकों के समक्ष उभर रही नई चुनौतियों, बदलते श्रम बाजार, तकनीकी परिवर्तन और श्रमिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक विमर्श का महत्वपूर्ण मंच मानी जा रही है। बैठक में लिए जाने वाले निर्णय भविष्य की श्रम नीतियों और भारतीय मजदूर संघ की आगामी कार्ययोजना को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बदलते श्रम परिदृश्य में भारतीय मजदूर संघ की भूमिका और अहम होगी : एस. मल्लेशम बदलते श्रम परिदृश्य में भारतीय मजदूर संघ की भूमिका और अहम होगी : एस. मल्लेशम Reviewed by PSA Live News on 6:36:00 pm Rating: 5

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