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CRPF जवान की मौत के बाद चतरा में उबाल: 45 घंटे से अधिक समय से चतरा–सिमरिया मुख्य मार्ग जाम, जनप्रतिनिधियों के समर्थन से आंदोलन हुआ और तेज



चतरा। सिमरिया थाना क्षेत्र के चतरा–सिमरिया मुख्य मार्ग स्थित देल्हो घाटी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में सीआरपीएफ जवान लक्ष्मण कुमार यादव की मौत के बाद पूरे इलाके में जबरदस्त जनाक्रोश देखने को मिल रहा है। जवान का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किए जाने के बावजूद लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की बदहाल स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही के कारण एक जवान को अपनी जान गंवानी पड़ी।

इसी आक्रोश के चलते पिछले 45 घंटे से अधिक समय से चतरा–सिमरिया मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम है। सड़क पर हजारों की संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग धरने पर बैठे हुए हैं। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई छोटे-बड़े वाहन वैकल्पिक मार्गों से गुजरने को मजबूर हैं, जबकि आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारी सड़क की मरम्मत, दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच, मृतक जवान के परिवार को समुचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इस आंदोलन को अब राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों का भी खुला समर्थन मिलने लगा है, जिससे आंदोलन को नई मजबूती मिली है। सिमरिया के झामुमो नेता मनोज चंद्रा, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ राजद नेता सत्यानंद भोक्ता, सिमरिया विधायक उज्ज्वल दास तथा चतरा सांसद कालीचरण सिंह आंदोलन स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता जताई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जवान की मौत अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है तथा सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

नेताओं ने प्रशासन से जल्द से जल्द आंदोलनकारियों से वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की। उनका कहना है कि यदि लोगों की मांगों को अनदेखा किया गया तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

उधर, प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आंदोलनकारियों से बातचीत कर जाम समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई सहमति नहीं बन सकी थी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

इस बीच, पूरे चतरा जिले में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और सुरक्षा उपाय किए गए होते तो शायद एक बहादुर जवान की जान बचाई जा सकती थी। अब सभी की निगाहें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि आखिर कब आंदोलनकारियों की मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाता है और चतरा–सिमरिया मुख्य मार्ग पर सामान्य आवागमन बहाल हो पाता है।

CRPF जवान की मौत के बाद चतरा में उबाल: 45 घंटे से अधिक समय से चतरा–सिमरिया मुख्य मार्ग जाम, जनप्रतिनिधियों के समर्थन से आंदोलन हुआ और तेज CRPF जवान की मौत के बाद चतरा में उबाल: 45 घंटे से अधिक समय से चतरा–सिमरिया मुख्य मार्ग जाम, जनप्रतिनिधियों के समर्थन से आंदोलन हुआ और तेज Reviewed by PSA Live News on 8:33:00 pm Rating: 5

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