पलामू में अवकाश प्रकरण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: DEO कार्यालय का लिपिक निलंबित, दूसरे का प्रतिनियोजन रद्द
भारती पाण्डेय मामले में प्रशासन ने दी सफाई, कहा— चिकित्सकीय लापरवाही नहीं, मरीज द्वारा भर्ती से इनकार करने पर बढ़ी जटिलता
मेदिनीनगर (पलामू), 27 जुलाई। पलामू जिले में शिक्षिका श्रीमती भारती पाण्डेय से जुड़े चर्चित चिकित्सीय एवं विभागीय प्रकरण में जिला प्रशासन ने विस्तृत तथ्य सार्वजनिक करते हुए स्पष्ट किया है कि मामले में चिकित्सकीय लापरवाही का कोई प्रमाण नहीं मिला है। प्रशासन के अनुसार मरीज द्वारा चिकित्सकों की सलाह के बावजूद समय पर अस्पताल में भर्ती नहीं होने के कारण स्थिति गंभीर होती चली गई, जिसके परिणामस्वरूप गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो गई।
इसी मामले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक, पलामू प्रमंडल, मेदिनीनगर ने पत्रांक-193, दिनांक 26 जुलाई 2026 के माध्यम से जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय के लिपिक श्री ईश्वरी दयाल राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इसके अतिरिक्त पत्रांक-194, दिनांक 26 जुलाई 2026 के तहत लिपिक श्री अरुण कुमार गिरि का प्रतिनियोजन जिला शिक्षा पदाधिकारी, पलामू कार्यालय से समाप्त करते हुए उन्हें क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, रंका (गढ़वा) कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया है।
चिकित्सकीय घटनाक्रम की प्रशासन ने दी पूरी जानकारी
जिला प्रशासन द्वारा जारी विवरण के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को श्रीमती भारती पाण्डेय ने सोना नर्सिंग होम में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषिता सिंह (एमएस, गायनेकोलॉजी) से परामर्श लिया। जांच के दौरान उन्हें Leaking P/V की गंभीर समस्या पाई गई, जिसके बाद चिकित्सक ने तत्काल अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराने की सलाह दी।
हालांकि प्रशासन के अनुसार, श्रीमती पाण्डेय ने उसी दिन भर्ती होने से इनकार कर दिया।
इसके बाद 24 जुलाई 2026 को चिकित्सकों ने पुनः उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन इस बार भी उन्होंने भर्ती होने से मना कर दिया।
अंततः 25 जुलाई 2026 को जब वह दोबारा सोना नर्सिंग होम पहुंचीं तो अल्ट्रासाउंड जांच में गर्भस्थ शिशु मृत पाया गया। इसके बाद चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप मृत शिशु का प्रसव कराया गया।
मातृत्व अवकाश नहीं, शिशु देखभाल अवकाश का दिया था आवेदन
प्रशासन ने विभागीय पहलू पर भी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि श्रीमती भारती पाण्डेय ने मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) के लिए कोई आवेदन प्रस्तुत नहीं किया था।
इसके विपरीत उन्होंने शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के लिए आवेदन दिया था, जिसमें अपनी 7 वर्षीय पुत्री अदिति कुमारी की देखभाल के उद्देश्य से अवकाश स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया था।
आवेदन एवं शपथ-पत्र के आधार पर विभागीय नियमों के अनुरूप जिला शिक्षा पदाधिकारी, पलामू ने पत्रांक-1069, दिनांक 25 जुलाई 2026 के माध्यम से 185 दिनों के शिशु देखभाल अवकाश की स्वीकृति प्रदान की थी।
तथ्यों के आधार पर हुई कार्रवाई
पलामू जिला प्रशासन ने कहा है कि पूरे प्रकरण की समीक्षा तथ्यों एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर दी गई है तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाए जा रहे हैं।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी गंभीर चिकित्सकीय स्थिति में चिकित्सकों की सलाह का समय पर पालन करें, ताकि संभावित जटिलताओं से बचा जा सके।
Reviewed by PSA Live News
on
4:59:00 pm
Rating:

कोई टिप्पणी नहीं: