5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक नोटिस, दावा-आपत्ति और मामलों के निस्तारण की समयबद्ध प्रक्रिया; 24 अगस्त से शुरू होगी सुनवाई
रांची, 12 अगस्त 2026। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए झारखंड में 311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO) की नियुक्ति की गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने जिलों से प्राप्त प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान कर दी है। इन पदाधिकारियों की नियुक्ति से मतदाताओं के दावा एवं आपत्ति से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है।
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि SIR-2026 के तहत दावा एवं आपत्ति चरण में प्राप्त आवेदनों, जारी किए जाने वाले नोटिस, सुनवाई, दस्तावेजों के सत्यापन तथा संबंधित मामलों के अंतिम निस्तारण के लिए 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 तक की अवधि निर्धारित है। इसी अवधि में मामलों का समयबद्ध एवं पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।
24 अगस्त से शुरू होगी सुनवाई
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में सामने आई विसंगतियों, नो-मैप मतदाताओं तथा अन्य त्रुटियों के सुधार के लिए सुनवाई की प्रक्रिया 24 अगस्त 2026 से शुरू की जाएगी। इसके तहत संबंधित मतदाताओं को आवश्यकतानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे और उनसे संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर उनका सत्यापन किया जाएगा।
अतिरिक्त AERO की नियुक्ति से ऐसे मामलों की सुनवाई और दस्तावेजों के परीक्षण के काम में तेजी आने की संभावना है। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य है कि पात्र मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिले और प्रत्येक मामले का निर्णय निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष तरीके से किया जा सके।
‘नो-मैप’ और तार्किक विसंगतियों पर भी विशेष ध्यान
SIR के दौरान सामने आए नो-मैप मतदाता, तार्किक विसंगतियां तथा मतदाता सूची से संबंधित अन्य त्रुटियां भी इस प्रक्रिया के दायरे में रहेंगी। अतिरिक्त पदाधिकारी इन मामलों में नोटिस जारी करने, संबंधित पक्षों की सुनवाई करने, आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करने और नियमानुसार मामलों का निस्तारण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, इन नियुक्तियों का उद्देश्य केवल दावा-आपत्ति के मामलों को निपटाना नहीं है, बल्कि SIR की पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और जनसुविधा केंद्रित बनाना भी है। उक्त अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्तियां विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेंगी।
एक परिवार के मतदाताओं को एक ही मतदान केंद्र पर रखने पर जोर
SIR-2026 के दौरान निर्वाचन विभाग द्वारा इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि एक परिवार के मतदाताओं को यथासंभव एक ही मतदान केंद्र पर रखा जाए, ताकि मतदान के समय मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही ‘घर-घर होम टू रोल’ अभियान के माध्यम से मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। निर्वाचन विभाग का मूल लक्ष्य है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी भी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।
पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची बनाने का लक्ष्य
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि SIR-2026 का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्ति से दावा एवं आपत्ति से जुड़े मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि यदि उनके नाम, पते, परिवार के सदस्यों, मतदान केंद्र या मतदाता सूची से संबंधित किसी प्रकार की विसंगति है, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा अथवा आपत्ति दर्ज कराकर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं। इससे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाने में मदद मिलेगी।
Reviewed by PSA Live News
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10:01:00 am
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