अमेरिका पहुंचे RSS प्रमुख, ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ में हजारों भारतीय मूल के लोगों को करेंगे संबोधित
न्यूयॉर्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत 25 अगस्त को अमेरिका पहुंच गए हैं। अपनी विदेश यात्रा के दौरान वह न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले एक बड़े भारतीय-अमेरिकी समुदाय के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। 29 अगस्त 2026 को प्रस्तावित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ में उनका मुख्य संबोधन होगा। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का केंद्र बिंदु एकता, सामाजिक समरसता, सेवा और वैश्विक सद्भाव का संदेश है।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर रहेगा जोर
यह कार्यक्रम AHEAD Forum (American Hindus for Engagement and Dialogue) की ओर से आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक इसमें अमेरिका के विभिन्न हिस्सों से हिंदू-अमेरिकी समुदाय के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, उद्यमी, शिक्षाविद, युवा, धार्मिक एवं सामुदायिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी ‘पूरा विश्व एक परिवार है’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है।
आयोजकों ने इसे रक्षा बंधन के अवसर से भी जोड़ा है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ समुदाय, सेवा, प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और विभिन्न परंपराओं के बीच संवाद जैसे विषयों को प्रमुखता दी जाएगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में 200 से अधिक हिंदू-अमेरिकी संगठनों की भागीदारी का दावा किया गया है।
कार्यक्रम को लेकर विरोध
मोहन भागवत के प्रस्तावित संबोधन को लेकर न्यूयॉर्क में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध भी सामने आया है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कार्यक्रम के प्रति अपना विरोध व्यक्त किया है। उन्होंने RSS की विचारधारा को लेकर आपत्तियां जताई हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि निजी तौर पर आयोजित कार्यक्रम को रद्द करने की नगर प्रशासन की कानूनी क्षमता सीमित हो सकती है।
कुछ नागरिक अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े संगठनों ने भी कार्यक्रम के खिलाफ आवाज उठाई है। दूसरी ओर, RSS और कार्यक्रम के आयोजक इसे भारतीय एवं हिंदू-अमेरिकी समुदाय को जोड़ने तथा एकता, सेवा और संवाद का संदेश देने वाला आयोजन बता रहे हैं।
RSS के शताब्दी वर्ष से जुड़ा वैश्विक संपर्क अभियान
मोहन भागवत का यह अमेरिकी दौरा RSS के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 1925 में स्थापित RSS 2025 में अपने 100 वर्ष पूरे कर चुका है और संगठन ने विदेशों में भारतीय मूल के समुदायों से संपर्क बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय आउटरीच गतिविधियां शुरू की हैं। इससे पहले RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले भी अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी का दौरा कर चुके हैं।
भागवत की वर्तमान विदेश यात्रा में अमेरिका के बाद कनाडा और ब्रिटेन का दौरा भी प्रस्तावित है। न्यूयॉर्क का 29 अगस्त का कार्यक्रम इस यात्रा का प्रमुख पड़ाव माना जा रहा है।
ऐसे में मोहन भागवत का न्यूयॉर्क संबोधन जहां भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बीच RSS के वैश्विक संपर्क अभियान को नई दिशा देने वाला कार्यक्रम माना जा रहा है, वहीं इसके विरोध ने इसे राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय भी बना दिया है। अब सभी की नजरें 29 अगस्त को होने वाले संबोधन और उसमें दिए जाने वाले संदेश पर टिकी हैं।
Reviewed by PSA Live News
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10:20:00 am
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