विद्यार्थियों ने रचनात्मकता और प्राकृतिक सामग्री से तैयार की आकर्षक राखियाँ
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संवाददाता- सुजीत कुमार मिश्र
मधुबनी, 22 अगस्त। संदीप विश्वविद्यालय, सिजौल, मधुबनी के अंतर्गत श्री नित्यानंद झा स्कूल ऑफ एजुकेशन में शनिवार को राखी मेकिंग प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बी.एड. एवं डी.एल.एड. के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगी एवं आकर्षक राखियों का निर्माण किया। विशेष आकर्षण का केंद्र प्राकृतिक सामग्री से निर्मित राखियाँ रहीं, जिन्हें फूलों, पत्तियों एवं अन्य प्राकृतिक तत्वों का प्रयोग कर तैयार किया गया था।
कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा विभाग के डीन डॉ. ज्योतिन्द्र कुमार पाठक एवं प्राचार्य डॉ. बिधनचंद्र चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के समन्वयक विभाग के प्राध्यापक सुजीत कुमार मिश्र रहे।प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने पारंपरिक कला, नवाचार, सौंदर्यबोध एवं पर्यावरणीय संवेदनशीलता का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के डीन डॉ. ज्योतिन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि राखी केवल भाई-बहन के स्नेह और संरक्षण का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति एवं पारंपरिक कलाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक अभिव्यक्ति भी है। इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और सहयोगात्मक भावना को विकसित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सामग्री से राखी तैयार करना पर्यावरण के प्रति विद्यार्थियों की जिम्मेदारी और जागरूकता को भी दर्शाता है।
वहीं, विभाग के प्राचार्य डॉ. बिधनचंद्र चौधरी ने प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर अनुभवात्मक, रचनात्मक एवं कौशल-आधारित बनाने पर बल देती है। इस तरह की गतिविधियाँ विद्यार्थियों को करके सीखने, अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त करने तथा भारतीय कला एवं संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ कला, संस्कृति, पर्यावरण एवं जीवन-कौशल का समन्वय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक मंडल में विश्वविद्यालय के विधि विभाग की सहायक प्राध्यापिका सुश्री अर्चिता झा, सुश्री नंदनी कुमारी एवं सुश्री शाहिस्ता परवीन उपस्थित रहीं। निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई राखियों का रचनात्मकता, मौलिकता, कलात्मकता, प्रस्तुतीकरण तथा प्राकृतिक सामग्री के उपयोग सहित विभिन्न मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. उमाकर ठाकुर, डॉ. विमल कुमार कर्ण, डॉ. राकेश रंजन, प्रोफेसर प्रत्यूष नंदन एवं डॉ. अमजद कमल सहित विभाग के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित रहे। छात्र-छात्राओं में प्रतियोगिता को लेकर विशेष उत्साह एवं उमंग देखने को मिली।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कार्यक्रम के समन्वयक प्रो.सुजीत कुमार मिश्र ने सभी निर्णायकों, शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों एवं प्रतिभागी छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी शिक्षा विभाग में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए कला, संस्कृति, रचनात्मकता एवं कौशल आधारित गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा।
प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में रचनात्मकता, उत्साह और सांस्कृतिक चेतना का संचार करते हुए कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
Reviewed by PSA Live News
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8:10:00 pm
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