राँची, 14 अगस्त 2026। राणी सती मंदिर लेन स्थित दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में श्रावण शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि एवं पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के शुभ संयोग में श्रीरंगनायिकी आण्डाल माता का प्राकट्य महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के अनुरूप धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में दिनभर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर माता आण्डाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।
महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 4:30 बजे भगवान के विश्वरूप दर्शन एवं तिरूवाराधनम् से हुआ। इसके पश्चात तिरूमंजनानुष्ठान प्रारंभ किया गया। इस दौरान भगवान का दूध, दधि, शहद, डाभयुक्त जल तथा गंगा एवं गंडकी के पवित्र जल से विधिवत महाभिषेक कराया गया।
महाभिषेक के क्रम में हरिद्राचूर्ण एवं चंदन के घोल का अनुलेपन कर शंखधारा, चक्रधारा, सहस्त्रधारा एवं कलशधारा आदि वैदिक विधियों का पालन किया गया। तैत्तिरीयोपनिषद, नारायणुवाक तथा विभिन्न सूक्तों के मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए इस दिव्य अनुष्ठान से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
महाभिषेक के बाद भगवान दंपति को नवीन वस्त्र एवं आभूषणों से अलंकृत कर सुवासित पुष्पों से भव्य श्रृंगार निवेदित किया गया। इसके बाद विधिवत नैवेद्य अर्पित कर महाआरती की गयी। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर भगवान एवं माता आण्डाल के दर्शन किए और सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
इसके पश्चात श्रीआण्डाल देवी के जयंती मंत्र के प्रयोग के साथ कलश स्थापना, अक्षतारोपण एवं रक्षा सूत्र प्रतिष्ठापन सहित विभिन्न धार्मिक विधियां संपन्न करायी गयीं। मंदिर संचालन समिति की कार्यकारी अध्यक्ष श्री राम अवतार नारसरिया के हाथों महा संकल्प कराया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने माता आण्डाल से आयु-आरोग्य, सुख-शांति, दांपत्य जीवन में खुशहाली तथा जीवन की विभिन्न बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना की।
महोत्सव के अवसर पर उपस्थित भक्तों को मंत्रोच्चार के साथ रक्षा सूत्र धारण कराया गया। मंदिर प्रबंधन के अनुसार रक्षा सूत्र बंधनम् का आयोजन लगातार पांच दिनों तक चलेगा, जिसमें श्रद्धालु शामिल होकर रक्षा सूत्र धारण कर सकेंगे।
भगवान को पोंगल, खीर, फल एवं मेवा का बालभोग अर्पित किया गया। इसके बाद गोदास्तुति, श्रीस्तुति, भूस्तुति, गोदा प्रपत्ति एवं मंगलाशासनम् सहित विभिन्न स्तोत्रों का पाठ एवं स्तवन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, स्तोत्र पाठ और भक्ति गीतों से मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक एवं भक्तिमय बना रहा।
इस अवसर पर महाभिषेक के यजमान श्री प्रदीप कुमार एवं श्रीमती उमा नारसरिया, राँची निवासी रहे। समस्त धार्मिक अनुष्ठान एवं विधि-विधान मंदिर के अर्चक श्री सत्यनारायण गौतम, श्री गोपेश आचार्य एवं श्री नारायण दास जी द्वारा विधिपूर्वक संपन्न कराए गए।
मंदिर में आयोजित इस भव्य धार्मिक समारोह में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर तथा श्रीआण्डाल माता के दर्शन कर मंगलकामनाएं कीं। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा।
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11:30:00 pm
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